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Religion

देश का ऐसा मंदिर, जहां गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन, फल-मिठाई की जगह चढ़ता है जैम का प्रसाद

Temples of India: दक्षिण भारत का एक लोकप्रिय धनदायुथापानी स्वामी मंदिर पलानी शहर में पलानी पहाड़ियों के बीच एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। भगवान मुरुगन को समर्पित यह मंदिर अपने विशेष प्रसाद 'पंचामृतम' के लिए बहुत प्रसिद्ध है, जिसे GI टैग भी मिल चुका है। आइए जानते है, इस मंदिर का महत्व और इस प्रसाद की विशेषताएं।

Temples of India: आज स्कंद षष्ठी है, जो दक्षिण भारत का एक लोकप्रिय पर्व है। स्कंद भगवान कार्तिकेय का एक प्रसिद्ध नाम है और प्रत्येक हिन्दू महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि भगवान स्कंद को समर्पित है। आइए इस मौके पर जानते हैं, तमिलनाडु के धनदायुथापानी स्वामी मंदिर के बारे में, जो भगवान मुरुगन का एक प्रसिद्ध मंदिर है। बता दें, भगवान मुरुगन को स्कंद भी कहते हैं। इस मंदिर की प्रसिद्धि पूरी दुनिया में है।

कहां है धनदायुथापानी स्वामी मंदिर

यह मंदिर तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पलानी शहर में पलानी पहाड़ियों के बीच एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस मंदिर को भगवान मुरुगन के छह पवित्र निवासों में से एक माना जाता है। इसकी ख्याति की एक और वजह है, वह है यहां भगवान मुरुगन को अर्पित किया जाने विशेष प्रसाद, जिसे ‘अभिषेक प्रसादम’ कहते हैं। इस प्रसाद की विशेषता के कारण भारत सरकार की ओर से जीआई टैग (GI Tag) भी मिल चुका है।

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कैसे बनता है यह प्रसाद

भगवान मुरुगन को भक्त और श्रद्धालु इस मंदिर में जो अभिषेक प्रसादम अर्पित करते हैं, वह एक प्रकार विशेष जैम है। इसे पंचामृतम भी कहते हैं। यह जैम या पंचामृतम पारंपरिक रूप से, पांच प्राकृतिक सामग्रियों के उचित अनुपात के मिश्रण से बनता है। ये सामग्रियां हैं: केला, गुड़, गाय का घी, शहद और इलायची। शत-प्रतिशत प्राकृतिक तरीके के बने इस प्रसाद के बारे में मान्यता है कि जो व्यक्ति पूर्ण समर्पण और विश्वास से यह प्रसाद ग्रहण करते हैं, उनकी बीमारियां ठीक हो जाती हैं।

गैर-हिन्दुओं का प्रवेश है वर्जित

धनदायुथापानी स्वामी मंदिर में केवल हिन्दू धर्म के अनुयायी ही भगवान मुरुगन के दर्शन कर सकते हैं। अन्य धर्मों को मानने वाले यानी गैर-हिन्दुओं का इस मंदिर में वर्जित प्रवेश है। यहां तक कि कोई विदेशी भी मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। हाल ही में, इसी साल जनवरी मद्रास हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि मंदिर के एंट्री गेट पर ध्वजस्तंभ के पास और मंदिर के प्रमुख स्थानों पर ‘गैर-हिंदुओं को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है’ वाला बोर्ड लगाया जाए।

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यहां कैसे पहुंचे?

पलानी सिटी आसपास के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां आने के लिए हमेशा उपलब्ध बस उपलब्ध हैं। बस स्टैंड पलानी पहाड़ी और मंदिर के पास ही है। आप यहां ट्रेन से भी पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए चेन्नई जंक्शन से कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन चलती हैं। यहां कोई एयरपोर्ट नहीं है। इसलिए फ्लाइट से आने के लिए आपको पहले मदुरै, कोयंबटूर या चेन्नई आना होगा, फिर आप वहां से टैक्सी या बस से यहां पहुंच सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: Jun 11, 2024 10:15 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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