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Religion

Gathbandhan in Wedding: विवाह के गठबंधन की असली चाबी हैं ये 5 चीजें, इनके बिना अधूरा है दो दिलों का मिलन

विवाह केवल रस्मों का नाम नहीं, बल्कि दो आत्माओं का मिलन है। विवाह की एक रस्म गठबंधन की गांठ और उसमें रखी 5 पवित्र चीजें इस रिश्ते को मजबूत नींव देती हैं। ये न केवल जीवनसाथी के रूप में जुड़ने का प्रतीक हैं, बल्कि जीवन के हर उतार-चढ़ाव में साथ निभाने की प्रतिज्ञा भी हैं। क्या आप जानते हैं, गठबंधन की ये 5 चीजें क्या हैं, क्यों रखी जाती हैं और इन्हें रखने के मायने क्या हैं?

Gathbandhan in Wedding: हिंदू विवाह सिर्फ एक सामाजिक रस्म नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है जिसे ‘जीवन का सबसे बड़ा बंधन’ कहा गया है। विवाह के दौरान कई परंपराएं निभाई जाती हैं, जिनमें से एक बेहद महत्वपूर्ण परंपरा है गठबंधन। यह वह क्षण होता है जब वर और वधू का दुपट्टा एक विशेष तरीके से बांधा जाता है। यह एक ऐसी गांठ जो है, दो आत्माओं, दो दिलों और दो परिवारों को जीवनभर के लिए जोड़ देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गठबंधन के समय उसमें 5 खास चीजें रखी जाती हैं? इन 5 वस्तुओं का गहरा आध्यात्मिक और भावनात्मक महत्व होता है। आइए जानते हैं इन 5 वस्तुओं के पीछे की गहराई और गठबंधन के असली मायने क्या हैं?

सिक्का

गांठ के बीच रखे जाने वाले सिक्के इस बात का प्रतीक होते हैं कि अब धन-दौलत पर केवल एक का अधिकार नहीं रहेगा। यह समझदारी और साझेदारी का प्रतीक है। दांपत्य जीवन में कोई निर्णय अकेले नहीं लिया जाएगा, बल्कि दोनों की सहमति से ही धन और संसाधनों का उपयोग होगा।

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फूल

फूलों को जीवन में सौंदर्य, सुख और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। गठबंधन में फूल यह दर्शाते हैं कि जीवन की हर परिस्थिति में दोनों एक-दूसरे को सम्मान देंगे, खुशियां बांटेंगे और एक-दूसरे को कभी दुखी नहीं होने देंगे। जैसे फूल सौंधे और रंग-बिरंगे होते हैं, वैसे ही दाम्पत्य जीवन भी खुशबू और रंगों से भरा हो।

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अक्षत

अक्षत यानी बिना टूटे हुए चावल, जो अखंड प्रेम और स्थायित्व का प्रतीक हैं। यह संकेत करते हैं कि नवविवाहित जोड़ा मिल-जुलकर जीवन बिताएगा, हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे और कभी भी एक-दूसरे से अलग नहीं होंगे। यह अन्न और धन की समृद्धि की भी कामना करता है।

हल्दी

हल्दी भारतीय संस्कृति में शुभता, शुद्धता और आरोग्यता का प्रतीक मानी जाती है। गठबंधन में हल्दी रखने का अर्थ यह होता है कि दोनों जीवनसाथी एक-दूसरे के शारीरिक और मानसिक सुख-दुख में साथ देंगे। यह जीवन की पवित्रता और एक-दूसरे की सलामती के लिए शुभ कामना का संदेश देती है।

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दूर्वा

दूर्वा एक ऐसी घास है जो कभी पूरी तरह मुरझाती नहीं, थोड़ी सी नमी मिलते ही फिर से हरी हो जाती है। यह प्रेम और समर्पण का प्रतीक है, ऐसा प्रेम जो वक्त के साथ और भी गहरा होता जाए। इसका मतलब है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, दोनों का प्रेम अमर और सजीव बना रहे।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: May 15, 2025 11:42 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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