Garuda Puran: अपवादों को छोड़ दें तो ऐसा कौन हैं, जो नहीं चाहता है कि उसकी जिंदगी लंबी हो. ऐसा कोई नहीं होगा, जो चाहता हो कि वो बिना बीमारी के फिट रहे. लेकिन यह भी सच है कि अक्सर हम अपने की कामों की वजह से अपनी सेहत बिगाड़ लेते हैं. जी हां, कई बार छोटी-छोटी आदतें ही हमारी सेहत पर भारी पड़ जाती हैं. पुराणों में विशेष गरुड़ पुराण में ऐसी कुछ आदतों का जिक्र मिलता है, जिन्हें छोड़ने की सलाह दी गई है. दिलचस्प बात ये है कि इनमें से कई बातें आज के हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह से भी काफी हद तक मेल खाती हैं. आइए जानते हैं, क्या हैं ये आदतें?
सूर्योदय बाद तक सोते रहना
गरुड़ पुराण में सूर्योदय के बाद तक सोते रहने को अच्छी आदत नहीं मानी गई है. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठने से शरीर और दिमाग दोनों फ्रेश रहते हैं. सुबह की ताजी हवा और शांत माहौल पूरे दिन के लिए एनर्जी देने में मदद करते हैं. वहीं देर तक सोने से सुस्ती, बिगड़ा हुआ रूटीन और पाचन से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
बासी या पुराना मांस खाना
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो इस बात का खास ध्यान रखें कि बासी या काफी देर तक रखा हुआ मांस न खाएं. गरुड़ पुराण में इसे सेहत के लिए नुकसानदायक बताया गया है. खराब या पुराना मांस बैक्टीरिया की वजह से फूड पॉइजनिंग और दूसरी गंभीर परेशानियों का कारण बन सकता है. ताजा और साफ-सुथरा खाना हमेशा बेहतर माना जाता है.
रात में दही खाना
गरुड़ पुराण और आयुर्वेद दोनों में रात के समय दही खाने से बचने की सलाह दी गई है. इससे कफ बढ़ता है और कुछ लोगों में सर्दी, खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है. दही खाना हो, तो दिन के समय खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है. हालांकि मॉडर्न साइंस के मुताबिक इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है.
श्मशान के धुएं के संपर्क में आना
गरुड़ पुराण के अनुसार, दाह संस्कार के दौरान उठने वाले धुएं से दूरी रखनी चाहिए. धार्मिक मान्यता के साथ-साथ यह भी माना जाता है कि ऐसे धुएं में मौजूद कण सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं. इससे स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी हो सकती है. यही कारण है, श्मशान से लौटने के बाद स्नान करने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
गरुड़ पुराण में लाइफस्टाइल
इसमें कोई संदेह नहीं है कि गरुड़ पुराण की इन बातों को सिर्फ आस्था के नजरिए से ही नहीं, बल्कि अच्छी लाइफस्टाइल की याद दिलाने वाली सीख के तौर पर भी देखा जा सकता है. जल्दी उठना, ताजा खाना खाना, शरीर की जरूरत के हिसाब से खानपान रखना और साफ-सफाई का ध्यान देना, ये आदतें आज ही नहीं बल्कि सदियों से हेल्दी और बैलेंस्ड लाइफ की मजबूत नींव मानी जाती हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.