अल्बर्ट आइंस्टीन को पूरी दुनिया जानती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी महिला है जिनकी तुलना आइंस्टीन से की जा रही है. उनका नाम है सबरीना गोंजालेज पास्टर्सकी. जब वो एक टीनएजर थीं, तो वो पढ़ाई के साथ-साथ हवाई जहाज़ बनाने में लगी थीं. सबरीना उस प्लेन को खुद बना भी रही थीं और उड़ा भी रहीं थीं. आज वो एक थ्योरेटिकल फिज़िसिस्ट हैं, साइंस उनका पैशन है. सबरीना ने इसी जुनून के सपने देखते हुए कई बड़े ऑफर ठुकरा दिए. जिस उम्र में बच्चे अपने दोस्तों के साथ टाइम बिताना पसंद करते हैं, उस उम्र में सबरीना प्लेन बनाने में बिज़ी रहती थीं. उन्होंने पूरा बचपन जहाज बनाने में बिता दिया और 14 साल की उम्र में अकेले प्लेन उड़ाया.
ये भी पढ़ें: अंतरिक्ष में जेम्स वेब की बड़ी खोज! प्लूटो और टाइटन पर मिले रहस्यमय मॉलिक्यूल के संकेत, NASA के वैज्ञानिक भी हैरान
कहां से की पढ़ाई?
सबरीना के इन्हीं अचीवमेंट्स की वजह से वैज्ञानिक भी काफी हैरान हो गए. जब उन्होंने कॉलेज में एडमीशन लिया, तो उनकी एक अपनी ही अलग पहचान बन गई. सबरीना ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) में फिजिक्स की पढ़ाई की. उनकी परफॉर्मेंस इतनी शानदार रही कि वो सिर्फ तीन साल में ग्रेजुएट हो गईं. साइंस के लिए उनका पैशन यहीं पर नहीं रुका. ग्रेजुएशन के बाद सबरीना ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, जहां वो थ्योरेटिकल फिजिक्स में PhD कर रही हैं. सबरीना का काम इतना शानदार रहा कि जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग भी खुद को उनकी तारीफ़ करने से नहीं रोक पाए. उन्होंने अपनी रिसर्च में सबरीना के 'स्पिन मेमोरी इफेक्ट' पर किए गए काम का ज़िक्र किया. सबरीना के रिसर्च में काफी मुश्किल टॉपिक्स शामिल हैं, जैसे कि ग्रेविटी, ब्लैक होल और स्पेस टाइम का नेचर.
कई वैज्ञानिकों का खींचा ध्यान
सबरीना का काम देखकर बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी उनकी तरफ आकर्षित हुए. जानकारी के मुताबिक, NASA ने सबरीना के टैलेंट में दिलचस्पी दिखाई थी और जेफ़ बेज़ोस की स्पेस कंपनी 'ब्लू ओरिजिन' ने उन्हें जॉब ऑफर की थी. लेकिन सबरीना ने ये ऑफर ठुकरा दिए. सबरीना तब ज्यादा सुर्खियों में आईं, जब उन्होंने एकेडमिक पद के लिए मिले 1.1 मिलियन डॉलर के ऑफर को भी नकार दिया. सबरीना का कहना है कि पैसे से ज्यादा उन्हें उनकी रिसर्च में खुशी मिलती है, इसलिए अभी वो उसी पर फोकस करना चाहती हैं. आज भी सबरीना ग्रेविटी और क्वांटम मैकेनिक्स जैसे कठिन टॉपिक्स पर स्टडी कर रही हैं. वो यूनिवर्स को समझने की कोशिश में लगी हैं. लोग अक्सर उन्हें अगला अल्बर्ट आइंस्टीन कहकर बुलाते हैं, लेकिन सबरीना कहती हैं कि वो बस फिजिक्स की स्टूडेंट हैं और उन्हें अभी लाइफ में बहुत कुछ सीखना है.
ये भी पढ़ें: US में ₹85,000 की एक गोली, भारत में सिर्फ ₹35 की! US महिला का VIDEO में दावा- ‘हमें लूटा जा रहा’
अल्बर्ट आइंस्टीन को पूरी दुनिया जानती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी महिला है जिनकी तुलना आइंस्टीन से की जा रही है. उनका नाम है सबरीना गोंजालेज पास्टर्सकी. जब वो एक टीनएजर थीं, तो वो पढ़ाई के साथ-साथ हवाई जहाज़ बनाने में लगी थीं. सबरीना उस प्लेन को खुद बना भी रही थीं और उड़ा भी रहीं थीं. आज वो एक थ्योरेटिकल फिज़िसिस्ट हैं, साइंस उनका पैशन है. सबरीना ने इसी जुनून के सपने देखते हुए कई बड़े ऑफर ठुकरा दिए. जिस उम्र में बच्चे अपने दोस्तों के साथ टाइम बिताना पसंद करते हैं, उस उम्र में सबरीना प्लेन बनाने में बिज़ी रहती थीं. उन्होंने पूरा बचपन जहाज बनाने में बिता दिया और 14 साल की उम्र में अकेले प्लेन उड़ाया.
ये भी पढ़ें: अंतरिक्ष में जेम्स वेब की बड़ी खोज! प्लूटो और टाइटन पर मिले रहस्यमय मॉलिक्यूल के संकेत, NASA के वैज्ञानिक भी हैरान
कहां से की पढ़ाई?
सबरीना के इन्हीं अचीवमेंट्स की वजह से वैज्ञानिक भी काफी हैरान हो गए. जब उन्होंने कॉलेज में एडमीशन लिया, तो उनकी एक अपनी ही अलग पहचान बन गई. सबरीना ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) में फिजिक्स की पढ़ाई की. उनकी परफॉर्मेंस इतनी शानदार रही कि वो सिर्फ तीन साल में ग्रेजुएट हो गईं. साइंस के लिए उनका पैशन यहीं पर नहीं रुका. ग्रेजुएशन के बाद सबरीना ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, जहां वो थ्योरेटिकल फिजिक्स में PhD कर रही हैं. सबरीना का काम इतना शानदार रहा कि जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग भी खुद को उनकी तारीफ़ करने से नहीं रोक पाए. उन्होंने अपनी रिसर्च में सबरीना के ‘स्पिन मेमोरी इफेक्ट’ पर किए गए काम का ज़िक्र किया. सबरीना के रिसर्च में काफी मुश्किल टॉपिक्स शामिल हैं, जैसे कि ग्रेविटी, ब्लैक होल और स्पेस टाइम का नेचर.
कई वैज्ञानिकों का खींचा ध्यान
सबरीना का काम देखकर बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी उनकी तरफ आकर्षित हुए. जानकारी के मुताबिक, NASA ने सबरीना के टैलेंट में दिलचस्पी दिखाई थी और जेफ़ बेज़ोस की स्पेस कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ ने उन्हें जॉब ऑफर की थी. लेकिन सबरीना ने ये ऑफर ठुकरा दिए. सबरीना तब ज्यादा सुर्खियों में आईं, जब उन्होंने एकेडमिक पद के लिए मिले 1.1 मिलियन डॉलर के ऑफर को भी नकार दिया. सबरीना का कहना है कि पैसे से ज्यादा उन्हें उनकी रिसर्च में खुशी मिलती है, इसलिए अभी वो उसी पर फोकस करना चाहती हैं. आज भी सबरीना ग्रेविटी और क्वांटम मैकेनिक्स जैसे कठिन टॉपिक्स पर स्टडी कर रही हैं. वो यूनिवर्स को समझने की कोशिश में लगी हैं. लोग अक्सर उन्हें अगला अल्बर्ट आइंस्टीन कहकर बुलाते हैं, लेकिन सबरीना कहती हैं कि वो बस फिजिक्स की स्टूडेंट हैं और उन्हें अभी लाइफ में बहुत कुछ सीखना है.
ये भी पढ़ें: US में ₹85,000 की एक गोली, भारत में सिर्फ ₹35 की! US महिला का VIDEO में दावा- ‘हमें लूटा जा रहा’