Puja Path Niyam: यह हम सभी ने नोटिस किया होगा कि घर के मंदिर या पूजा की चौकी पर अधिकतर लाल या पीले रंग का कपड़ा ही बिछाया जाता है? आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? क्या यह सिर्फ पुरानी परंपरा है या इसके पीछे कोई खास वजह भी है? हिंदू धर्म में पूजा की चौकी पर कपड़े का आसन बनाना केवल सजावट नहीं होता है. मान्यता है कि सही रंग का कपड़ा पूजा के माहौल को पवित्र और सकारात्मक बनाता है. शास्त्रों और ज्योतिष में लाल और पीले रंग को शुभ माना गया है. आइए जानते हैं, इन दोनों रंगों का महत्व क्या है?
पीला रंग – शांति और ज्ञान का रंग
हिन्दू धर्म में पीले रंग को भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और माता सरस्वती से संबंधित माना गया है. यह ज्ञान, धर्म और सात्विकता का रंग है. इसलिए पूजा की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाना शुभ माना गया है. ज्योतिष में पीले रंग का संबंध गुरु ग्रह यानी देवगुरु बृहस्पति से है. गुरु बृहस्पति ज्ञान, भाग्य और आध्यात्मिकता के कारक हैं. मान्यता है कि पीले रंग के इस्तेमाल से घर में सकारात्मक माहौल बनता है. मन को शांति मिलती है. इसके अलावा पीला रंग देखने में भी काफी शांत और पॉजिटिव फील देता है. यह पूजा के समय ध्यान लगाने और मन को एकाग्र करने में सहायता करता है.
लाल रंग – शक्ति, ऊर्जा और सौभाग्य का रंग
हिन्दू धर्म में लाल रंग को शक्ति और उत्साह का प्रतीक माना गया है. यह रंग माता लक्ष्मी, माता दुर्गा और भगवान हनुमान से संबंधित है. हिंदू परंपरा में लाल रंग को शुभता, सौभाग्य और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. वहीं, ज्योतिष में लाल रंग का संबंध मंगल ग्रह से है, जो साहस और ऊर्जा के प्रतीक हैं. इसलिए नवरात्रि, लक्ष्मी पूजा, दुर्गा पूजा जैसे विशेष अवसरों पर लाल रंग का कपड़ा ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है.
रोज की पूजा में कौन-सा रंग बेहतर?
अगर घर के मंदिर में रोज पूजा होती है, तो पीले रंग का कपड़ा ज्यादा अच्छा माना जाता है. यह शांत और सात्विक ऊर्जा से जुड़ा है. वहीं लाल रंग को खास पूजा, त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है.
इसका भी रखें ध्यान
हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार, पूजा की चौकी और उसपर आसीन कपड़ा हमेशा साफ और शुद्ध होना चाहिए. इसे समय-समय पर बदलते रहना चाहिए. क्योंकि, आखिर में सबसे जरूरी चीज रंग नहीं, बल्कि आपकी श्रद्धा और भक्ति है. साफ मन और सच्ची आस्था से की गई पूजा ही सबसे बड़ा शुभ फल देती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.