Ganga Saptami 2026 Shubh Muhurat & Puja Vidhi: सनातन धर्म के लोगों के लिए देवी गंगा को समर्पित गंगा सप्तमी के पर्व का खास महत्व है, जिसे गंगा पूजन और गंगा जयंती आदि नामों से भी जाना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में गंगा सप्तमी यानी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन देवी गंगा का पुनर्जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन माता गंगा की पूजा और गंगा नदी में स्नान किया जाता है. मान्यता है कि गंगा सप्तमी पर पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है और मोक्ष मिलने का रास्ता आसान होता है.
द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार आज 23 अप्रैल 2026 को गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जा रहा है. आइए अब जानें गंगा सप्तमी की पूजा के शुभ मुहूर्त व विधि आदि के बारे में.
गंगा सप्तमी की पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:20 से 05:04
- गंगा सप्तमी मध्याह्न मुहूर्त- सुबह 11:01 से दोपहर 01:38
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:54 से दोपहर 12:46
- सायाह्न सन्ध्या- शाम में 06:51 से 07:57
- अमृत काल- शाम में 06:41 से 08:11
- निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:41
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गंगा सप्तमी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर गंगा नदी में स्नान करें. यदि ये संभव न हो तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल जरूर मिलाएं.
- शुद्ध वस्त्र पहनकर हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प लें.
- देवी गंगा की मूर्ति या तस्वीर के सामने वस्त्र, अक्षत, श्रृंगार का सामान, फूल, फल, इत्र, चंदन, मेहंदी और मिठाई अर्पित करें.
- मंत्र जाप करते हुए घी का दीपक जलाएं.
- गंगा सप्तमी के पर्व की व्रत कथा पढ़ने के बाद आरती करें.
- ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद दान देकर पूजा का समापन करें.
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गंगा सप्तमी पर जपने वाले प्रभावशाली मंत्र
- ॐ नमः शिवायै गंगायै शिवदायै नमो नमः।।
- ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः।।
- ॐ भगवत्यै गंगे ह्रीं श्रीं नमः शिवायै नारायण्यै नमः।।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Ganga Saptami 2026 Shubh Muhurat & Puja Vidhi: सनातन धर्म के लोगों के लिए देवी गंगा को समर्पित गंगा सप्तमी के पर्व का खास महत्व है, जिसे गंगा पूजन और गंगा जयंती आदि नामों से भी जाना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में गंगा सप्तमी यानी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन देवी गंगा का पुनर्जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन माता गंगा की पूजा और गंगा नदी में स्नान किया जाता है. मान्यता है कि गंगा सप्तमी पर पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है और मोक्ष मिलने का रास्ता आसान होता है.
द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार आज 23 अप्रैल 2026 को गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जा रहा है. आइए अब जानें गंगा सप्तमी की पूजा के शुभ मुहूर्त व विधि आदि के बारे में.
गंगा सप्तमी की पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:20 से 05:04
- गंगा सप्तमी मध्याह्न मुहूर्त- सुबह 11:01 से दोपहर 01:38
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:54 से दोपहर 12:46
- सायाह्न सन्ध्या- शाम में 06:51 से 07:57
- अमृत काल- शाम में 06:41 से 08:11
- निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:41
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गंगा सप्तमी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर गंगा नदी में स्नान करें. यदि ये संभव न हो तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल जरूर मिलाएं.
- शुद्ध वस्त्र पहनकर हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प लें.
- देवी गंगा की मूर्ति या तस्वीर के सामने वस्त्र, अक्षत, श्रृंगार का सामान, फूल, फल, इत्र, चंदन, मेहंदी और मिठाई अर्पित करें.
- मंत्र जाप करते हुए घी का दीपक जलाएं.
- गंगा सप्तमी के पर्व की व्रत कथा पढ़ने के बाद आरती करें.
- ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद दान देकर पूजा का समापन करें.
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गंगा सप्तमी पर जपने वाले प्रभावशाली मंत्र
- ॐ नमः शिवायै गंगायै शिवदायै नमो नमः।।
- ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः।।
- ॐ भगवत्यै गंगे ह्रीं श्रीं नमः शिवायै नारायण्यै नमः।।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.