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Kedarnath Baba Ki Aarti: घर बैठे भी प्राप्त कर सकते हैं केदार बाबा की विशेष कृपा, पूजा के दौरान पढ़ें ये आरती

Kedarnath Baba Ki Aarti: केदार बाबा यानी केदारनाथ को भगवान शिव का एक अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी रूप माना जाता है, जिनकी कृपा से व्यक्ति को जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है. यदि आप भी केदार बाबा की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो पूजा के दौरान उनकी आरती जरूर पढ़ें. यहां पर केदार बाबा की आरती के लिरिक्स, लाभ और नियम आदि के बारे में बताया गया है.

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Kedarnath Baba Ki Aarti In Hindi: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी नदी के तट पर केदारनाथ मंदिर स्थित है, जो कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यहां पर भगवान शिव के स्वयंभू रूप यानी केदार बाबा के रूप में पूजा की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, केदारनाथ में शिवलिंग की स्थापना खुद पांडवों द्वारा की गई थी, जो कि भैंसे की पीठ (महिष) की आकृति में है. मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से नियमित रूप से केदार बाबा की पूजा करता है, उसे बड़े से बड़े पाप से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है.

अगर किसी कारण से आप केदारनाथ जाकर केदार बाबा की पूजा नहीं कर पा रहे हैं तो घर पर बैठे-बैठे भी बाबा की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं. रोजाना केदार बाबा की पूजा करें और उन्हें समर्पित आरती पढ़ें. इससे आपको अपने जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. चलिए अब जानते हैं केदार बाबा की आरती के सही लिरिक्स के बारे में.

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केदार बाबा की आरती

जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुख हरम्,
गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम्।
शैली सुंदर अति हिमालय, शुभ मंदिर सुंदरम्,
निकट मंदाकिनी सरस्वती जय केदार नमाम्यहम्।
उदक कुंड है अधम पावन रेतस कुंज मनोहरम्,
हंस कुंड समीप सुंदर जै केदार नमाम्यहम्।
अन्नपूर्णा सहं अर्पणा काल भैरव शोभितम्,
पंच पांडव द्रोपदी सम जै केदार नमाम्यहम्।
शिव दिगंबर भस्मधारी अर्द्धचंद्र विभुषितम्
शीश गंगा कंठ फणिपति जै केदार नमाम्यहम्।
कर त्रिशूल विशाल डमरू ज्ञान गान विशारद्‍,
मदमहेश्वर तुंग ईश्वर रूद्र कल्प गान महेश्वरम्।
पंच धन्य विशाल आलय जै केदार नमाम्यहम्,
नाथ पावन है विशालम् पुण्यप्रद हर दर्शनम्,
जय केदार उदार शंकर पाप ताप नमाम्यहम्।

केदार बाबा की आरती से जुड़े नियम

  • सुबह और शाम दोनों समय पर बाबा की आरती की जा सकती है.
  • आरती हमेशा खड़े होकर करें.
  • आरती के दौरान देसी घी का ही दीपक जलाएं.
  • जल्दबाजी में आरती और शब्दों का गलत उच्चारण न करें.
  • किसी भी कारण से बीच में आरती न छोड़ें.
  • केदार बाबा या भगवान शिव की मूर्ति व तस्वीर के सामने ही आरती करें.
  • केदार बाबा की कुल 14 बार आरती की जाती है यानी चरणों में 4 बार, नाभि में 2 बार, मुखमंडल के सामने 1 बार और अंत में पूरे शरीर पर 7 बार आरती घुमाएं.
  • आरती करने से पहले हाथ, पैर और मुंह जरूर धोएं.
  • आरती के दौरान किसी से बातचीत न करें.
  • आरती करने के बाद अपनी गलतियों के लिए क्षमा जरूर मांगें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Apr 12, 2026 09:13 AM

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About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में न्यूज राइटिंग से की थी, जिसके बाद देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर व्यापक अध्ययन किया. अब पिछले 4 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन में काम कर रही हैं.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

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Nidhi Jain

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