Maa Kali Aarti Lyrics in Hindi: कल 15 जुलाई से आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि का आरंभ हो रहा है. गुप्त नवरात्रि का पहले दिन मां काली की पूजा को समर्पित होता है. गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है. आपको शत्रुओं पर विजय, भय और नकारात्मकता को दूर करने के लिए काली की पूजा करनी चाहिए. देवी काली को प्रसन्न करने के लिए आप पूजा-अर्चना के साथ ही आरती अवश्य करें. आप यहां मां काली की आरती पढ़ सकते हैं.
मां काली की आरती (Maa Kali Ki Aarti)
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
तेरे भक्त जनो पार माता भये पड़ी है भारी
दानव दल पार तोतो माड़ा करके सिंह सांवरी
सोउ सौ सिंघों से बालशाली, है अष्ट भुजाओ वली,
दुशटन को तू ही ललकारती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
माँ बेटी का है इस जग जग बाड़ा हाय निर्मल नाता
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता
सब पे करुणा दर्शन वालि, अमृत बरसाने वाली,
दुखीं के दुक्खदे निवर्तती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
ये भी पढ़ें - Gupt Navratri 2026: कब शुरू होगी गुप्त नवरात्रि? सामान्य नवदुर्गा उत्सव से कितना अलग है ये खास पर्व
नहि मँगते धन धन दौलत ना चण्डी न सोना
हम तो मांगे तेरे तेरे मन में एक छोटा सा कोना
सब की बिगड़ी बान वाली, लाज बचाने वाली,
सतियो के सत को संवरती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
चरन शरण में खडे तुमहारी ले पूजा की थाली
वरद हस् स सर प रख दो म सकत हरन वली
माँ भार दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वली,
भक्तो के करेज तू ही सरती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
मां काली पूजा विधि (Maa Kali Puja Vidhi)
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर चौकी लगाकर मां काली की प्रतिमा स्थापित करें. आप नवरात्रि में कलश स्थापना अवश्य करें. मां काली के समक्ष दीपक और धूप जलाएं. देवी मां को अक्षत, कुमकुम, सिंदूर आदि अर्पित करें. देवी मां की आरती करें और हलवे, बताशे और फल का भोग लगाएं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Maa Kali Aarti Lyrics in Hindi: कल 15 जुलाई से आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि का आरंभ हो रहा है. गुप्त नवरात्रि का पहले दिन मां काली की पूजा को समर्पित होता है. गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है. आपको शत्रुओं पर विजय, भय और नकारात्मकता को दूर करने के लिए काली की पूजा करनी चाहिए. देवी काली को प्रसन्न करने के लिए आप पूजा-अर्चना के साथ ही आरती अवश्य करें. आप यहां मां काली की आरती पढ़ सकते हैं.
मां काली की आरती (Maa Kali Ki Aarti)
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
तेरे भक्त जनो पार माता भये पड़ी है भारी
दानव दल पार तोतो माड़ा करके सिंह सांवरी
सोउ सौ सिंघों से बालशाली, है अष्ट भुजाओ वली,
दुशटन को तू ही ललकारती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
माँ बेटी का है इस जग जग बाड़ा हाय निर्मल नाता
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता
सब पे करुणा दर्शन वालि, अमृत बरसाने वाली,
दुखीं के दुक्खदे निवर्तती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
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नहि मँगते धन धन दौलत ना चण्डी न सोना
हम तो मांगे तेरे तेरे मन में एक छोटा सा कोना
सब की बिगड़ी बान वाली, लाज बचाने वाली,
सतियो के सत को संवरती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
चरन शरण में खडे तुमहारी ले पूजा की थाली
वरद हस् स सर प रख दो म सकत हरन वली
माँ भार दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वली,
भक्तो के करेज तू ही सरती
हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती
मां काली पूजा विधि (Maa Kali Puja Vidhi)
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा स्थान की सफाई कर चौकी लगाकर मां काली की प्रतिमा स्थापित करें. आप नवरात्रि में कलश स्थापना अवश्य करें. मां काली के समक्ष दीपक और धूप जलाएं. देवी मां को अक्षत, कुमकुम, सिंदूर आदि अर्पित करें. देवी मां की आरती करें और हलवे, बताशे और फल का भोग लगाएं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.