Vrat Fasting Rules: हिन्दू धर्म में व्रत रखना जितना मुश्किल है, उसे सही तरीके से खोलना भी उतना ही जरूरी है। कई लोग पूरे दिन भूखे रहने के बाद सीधे पूड़ी, पकौड़े या मसालेदार खाना शुरू कर देते हैं। अक्सर यह गलती पेट पर भारी पड़ जाती है। लंबे समय तक खाली रहने के बाद हमारा पाचन तंत्र थोड़ा स्लो हो जाता है, इसलिए व्रत के बाद हल्के और आसानी से पचने वाले खाने से शुरुआत करनी चाहिए। खैर, ये तो लाइफस्टाइल की बात थी, आइए जानते हैं, व्रतराज और अन्य हिन्दू धर्मग्रंथों में व्रत खोलने के महत्वपूर्ण नियम क्या हैं?
तुलसी और जल से शुरुआत
व्रत पूरा होने के बाद सबसे पहले तुलसी के पत्ते लेकर जल यानी पानी पी सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसका खास महत्व माना गया है। जो लोग निर्जला व्रत रखते हैं, उनके लिए सबसे पहले नारियल पानी, नींबू पानी या हल्का शरबत लेना बेहतर रहता है। इससे शरीर में पानी और एनर्जी का बैलेंस वापस आने में मदद मिलती है।
फल और हल्की चीजें हैं बेस्ट
पानी या लिक्विड लेने के थोड़ी देर बाद मौसमी फल खा सकते हैं। केला, सेब, पपीता जैसे फल शरीर को नेचुरल एनर्जी देते हैं। इसके अलावा दही, मखाने या हल्की चीजें भी अच्छा विकल्प हैं। व्रत खोलते समय जल्दबाजी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। पहले शरीर को धीरे-धीरे सामान्य खाने की आदत डालनी चाहिए।
स्पेशल फल का सेवन
हिन्दू धर्म में कुछ व्रत, पूजा-पाठ, त्योहार ऐसे भी हैं, जिनके व्रत के खोलने की विधि-विधान निश्चित है, जैसे आमलकी एकादशी में आंवला का सेवन कर ही व्रत खोला जाता है। इस प्रकार से जिस व्रत के शास्त्रीय विधान स्पष्ट हैं, उनकी उसे प्रकार से निभाना चाहिए।
सात्विक हल्का खाना खाएं
व्रत के बाद पहला पूरा भोजन हमेशा हल्का और सादा रखना चाहिए। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया या दाल-चावल जैसे विकल्प पेट के लिए आसान होते हैं। अगर रोटी खानी है तो कम तेल-मसाले वाली सब्जी के साथ खाएं। थोड़ा सा देसी घी स्वाद के साथ पाचन में भी मदद कर सकता है।
तला-भुना-मसालेदार से परहेज
व्रत खुलते ही अक्सर कचौड़ी, पूड़ी या फास्ट फूड खाने का मन करता है, लेकिन इससे बचना बेहतर है। खाली पेट के बाद ज्यादा तेल और मसाले वाली चीजें गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
नॉनवेज से रखें दूरी
व्रत के तुरंत बाद मांसाहारी भोजन करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में इसे सात्विकता के खिलाफ माना जाता है। वहीं शरीर के हिसाब से भी लंबे समय बाद खाली पेट पर भारी भोजन पचाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए पारण के बाद हल्का भोजन लें और शरीर को धीरे-धीरे सामान्य रूटीन में आने दें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.