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Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल पर इन 9 शक्तिशाली हनुमान मंत्र से करें संकटमोचन की साधना, हर बाधा होगी दूर

ज्येष्ठ माह की मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहते हैं। इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन हनुमान मंत्र का जाप बेहद लाभकारी होता है। यहां 9 शक्तिशाली हनुमान मंत्र उनके अर्थ और उपयोग सहित दिए गए हैं, बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं। मान्यता है कि इन मंत्रों के जाप से हर बाधा दूर हो जाती है।

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ज्येष्ठ महीना साल का तीसरा महीना होता है। इसकी शुरुआत मंगलवार 13 मई से हो रही है। ज्येष्ठ या जेठ अर्थ है श्रेष्ठ या बड़ा। इस महीने की मंगलवार का अत्यधिक महत्व है, जिसे ‘बड़ा मंगल’ कहा जाता है। मान्यता है कि जेठ के महीने में मंगलवार के दिन ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसी महीने में मंगलवार को हनुमान जी एक वृद्ध बंदर के रूप में भीम से मिले थे। इसलिए इस दिन को ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहते हैं।

ज्येष्ठ माह की मंगलवार यानी ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ को हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है इस दिन मंत्र का जाप करने से हनुमान जी विशेष प्रसन्न होते हैं। यहां 9 शक्तिशाली हनुमान मंत्र दिए गए हैं, जो शक्ति, साहस, स्वास्थ्य और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा के लिए बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं। हर मंत्र के साथ उसका अर्थ और उपयोग भी सरल भाषा में बताया गया है, ताकि आप इन्हें अपने जीवन में आसानी से अपना सकें।

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1. ॐ श्री हनुमते नमः

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- मैं श्री हनुमान को प्रणाम करता हूं। यह हनुमान जी का मूल मंत्र है। इसे किसी भी समय और कहीं भी जपा जा सकता है। यह शक्ति, साहस और सुरक्षा प्रदान करता है।

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2. ॐ हं हनुमते श्रीराम दूताय नमः

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- भगवान श्रीराम के महान दूत हनुमान को मेरा प्रणाम। यह मंत्र किसी भी कार्य में सफलता पाने के लिए जपा जाता है। यात्रा, परीक्षा, नौकरी या किसी भी जीवन संघर्ष में विजय प्राप्त करने के लिए यह बहुत उपयोगी है।

3. ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- शक्तिशाली आंजनेय यानी माता अंजनी के पुत्र भगवान को मेरा नमस्कार है। यह मंत्र आत्मविश्वास, शारीरिक और मानसिक शक्ति बढ़ाने के लिए जपा जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और भय को कम करने में भी सहायक है।

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4. ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- रुद्र के अवतार हनुमान को मेरा नमस्कार, जो नकारात्मकता को नष्ट करते हैं। यह हनुमान जी का रुद्र मंत्र है। शत्रु, भय, अनिद्रा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति पाने के लिए इस मंत्र का जाप उत्तम माना गया है।

5. ॐ नमो भगवते हनुमते नमः

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- भगवान हनुमान को मेरा नमस्कार है। यह मंत्र जीवन में सुख-शांति और समृद्धि के लिए जपा जाता है। यह पारिवारिक कलह को दूर करने और सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद करता है।

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6. मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।
वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- जिनका मन वायु के समान तीव्र है, जिनकी गति पवन के समान है, जो इन्द्रियों को जीतने वाले और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं, जो वायु के पुत्र और वानर सेना के प्रमुख हैं, उन श्रीराम के दूत की मैं शरण लेता हूं। यह मंत्र हनुमान जी के गुणों का वर्णन करता है और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए जपा जाता है। यह बुद्धि, शक्ति और भक्ति प्रदान करता है।

7. ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नमः॥

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- हे हनुमान जी! आप श्रीराम के दूत हैं, कृपया मुझे शक्ति, बुद्धि और सुरक्षा प्रदान करें। यह हनुमान बीज मंत्र है। इस मंत्र का जाप नकारात्मकता से बचने और आत्मबल बढ़ाने के लिए शुभ होता है।

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8. ॐ आंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- हम अंजनीपुत्र और वायुपुत्र हनुमान को जानते हैं, वे हमारी बुद्धि को प्रेरणा दें। यह हनुमान गायत्री मंत्र है, जिसका बुद्धि, ज्ञान और एकाग्रता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों और साधकों के लिए उपयोगी है।

9. ॐ नमो भगवते पंचवदनाय आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा॥

इस हनुमान मंत्र का अर्थ है- हे पंचमुखी हनुमान जी! आप महान शक्तिशाली हैं, कृपया हमारी रक्षा करें। यह पंचमुखी हनुमान मंत्र है, जो भूत-प्रेत बाधा, तंत्र दोष या बहुत गंभीर संकटों में विशेष लाभकारी है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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First published on: May 12, 2025 07:00 PM

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About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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