भारतीय वायुसेना ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को नया चीफ नियुक्त किया है. वो 31 अक्टूबर को बतौर एयर चीफ मार्शल शपथ लेंगे. आशुतोष दीक्षित एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे. आशुतोष दीक्षित अभी वाइस एयर चीफ मार्शल हैं. उन्होंने 1 जुलाई 2026 को ये कमान संभाली थी. आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के बेहतरीन फाइटर जेट पायलट्स में से एक हैं. वो 20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने में एक्सपर्ट हैं. आशुतोष दीक्षित कारगिल की लड़ाई का भी हिस्सा थे. उन्होंने फाइटर जेट से दुश्मनों पर जमकर बम बरसाए.
कौन-कौन से विमान उड़ाने का अनुभव?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के पास कई तरह के विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है, जिनमें मिराज-2000, मिग के अलग-अलग वर्जन, HPT-32, An-32, एवरो, किरण, जगुआर, IL-78, हॉक और तेजस शामिल हैं. वो एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं. अपनी लगभग चार दशक की सर्विस के दौरान, वो कई ऑपरेशन और एक्सरसाइज में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं, जैसे ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप-इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर.
3500 घंटे से ज्यादा का फ्लाइंग अनुभव
एयर मार्शल दीक्षित वायु सेना में LCA तेजस और दूसरे स्वदेशी विमान प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. केंद्र को उम्मीद है कि वो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को और मजबूत करेंगे. आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को IAF की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था, वो नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं और उनके पास 3500 घंटे से ज्यादा का फ्लाइंग अनुभव है.