क्या शहद वाकई 'जीरो शुगर' है? आप भी 'नेचुरल' समझकर खा रहे हैं, तो यह खुलासा चौंका देगा
बदलती लाइफस्टाइल में बहुत से लोग रिफाइंड चीनी छोड़कर 'नो-शुगर' डाइट की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या शहद को चीनी की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है? कई लोग इसे 'प्राकृतिक' मानकर बेझिझक खाते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की राय कुछ अलग है. इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में क्लिनिकल डाइटिशियन वीणा वी. के हवाले से लिखा है कि शहद भले ही नेचुरल हो, लेकिन यह भी ग्लूकोज और फ्रुक्टोज का मिश्रण है.

बदलती लाइफस्टाइल में बहुत से लोग रिफाइंड चीनी छोड़कर 'नो-शुगर' डाइट की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या शहद को चीनी की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है? कई लोग इसे 'प्राकृतिक' मानकर बेझिझक खाते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की राय कुछ अलग है. इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में क्लिनिकल डाइटिशियन वीणा वी. के हवाले से लिखा है कि शहद भले ही नेचुरल हो, लेकिन यह भी ग्लूकोज और फ्रुक्टोज का मिश्रण है.
क्या शहद चीनी है?
2 / 7तकनीकी रूप से शहद ग्लूकोज और फ्रुक्टोज का एक संयोजन है. इसलिए, यदि आप सख्त 'नो-शुगर' डाइट पर हैं, तो शहद से पूरी तरह बचना ही बेहतर है.
रिफाइंड शुगर से बेहतर क्यों?
3 / 7रिफाइंड चीनी के मुकाबले शहद कम प्रोसेस्ड होता है. इसमें पोटैशियम, कैल्शियम और आयरन जैसे खनिज और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो इसे मामूली बढ़त देते हैं.
ब्लड शुगर पर असर
4 / 7शहद का 'ग्लाइसेमिक इंडेक्स' टेबल शुगर से कम होता है, जिसका मतलब है कि यह रक्त शर्करा के स्तर को थोड़ा धीरे बढ़ाता है, लेकिन यह शुगर लेवल बढ़ाता जरूर है.
मात्रा का ध्यान
5 / 7एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप सिर्फ रिफाइंड चीनी कम कर रहे हैं, तो कभी-कभी 1-2 बड़े चम्मच जैविक शहद खा सकते हैं, लेकिन इसे अपनी कैलोरी में जरूर गिनें.
वजन और मेटाबॉलिज्म
6 / 7शहद भी एक सिंपल कार्बोहाइड्रेट है. इसे ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है और मेटाबॉलिक समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए 'पोर्शन कंट्रोल' जरूरी है.
सेहतमंद विकल्प
7 / 7मिठास की तलब कम करने के लिए स्टेविया या मोंक फ्रूट जैसे लो-कैलोरी विकल्पों का उपयोग करें. साथ ही दालचीनी या इलायची जैसे मसालों से स्वाद बढ़ाएं.



















