Train Seat Number: ट्रेन में कैसे तय होते हैं सीट नंबर? जानिए आसान ट्रिक से मिनटों में पहचान
Train Seat: ट्रेन में सीट नंबर कोई रैंडम तरीके से नहीं दिए जाते, बल्कि एक पैटर्न के अनुसार होते हैं. अगर आप 8 सीटों वाले इस आसान क्रम को याद रख लें तो आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी.

Seat Number in Train: अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं तो टिकट पर लिखे सीट नंबर को देखकर कभी न कभी जरूर सोचते होंगे कि आखिर ये नंबर कैसे तय होते हैं. कई बार लोग कोच में पहुंचने के बाद अपनी सीट ढूंढ़ने में काफी समय लगा देते हैं, लेकिन अगर आपको भारतीय रेलवे के सीट नंबरिंग सिस्टम की एक आसान ट्रिक पता हो तो आपको पता होना चाहिए.
ट्रेन में सीट नंबर कैसे तय किए जाते हैं?
2 / 6भारतीय रेलवे में स्लीपर और एसी कोच होता है, जिसमें सीट नंबर एक क्रम में होते हैं. एक कंपार्टमेंट में आमतौर पर 8 बर्थ होती हैं, जिनमें 6 बर्थ अंदर और 2 साइड में होती हैं. इसे भी पढ़ें- फाउंडेशन लगाने का सही तरीका क्या है? ब्यूटी एक्सपर्ट के ये सीक्रेट्स जानकर मिलेगा फ्लॉलेस लुक
इस ट्रिक से तुरंत पहचानें अपनी सीट
3 / 6अगर आपका सीट नंबर पता है तो उसे 8 ग्रुप में समझना होगा जैसे 9 से 16 तक का पैटर्न भी बिल्कुल 1 से 8 जैसा होगा और 17 से 24 तक भी यही क्रम दोहराया जाएगा.
टिकट पर लिखी शॉर्ट फॉर्म
4 / 6रेलवे टिकट पर अक्सर बर्थ के नाम शॉर्ट फॉर्म में लिखे होते हैं. लोअर सीट, मिडिल सीट या साइड सीट आदि. इन शॉर्ट फॉर्म को समझ लेने से सीट ढूंढना और आसान हो जाता है.
चेयर कार में नंबरिंग अलग होती है
5 / 6अगर आप चेयर कार या एग्जीक्यूटिव चेयर कार में सफर कर रहे हैं, तो वहां सीट नंबर स्लीपर कोच जैसी नहीं होती. इन कोचों में सीटें पंक्तियों और सीट अक्षरों के आधार पर तय की जाती हैं.
किन बातों का रखें ध्यान
6 / 6टिकट पर कोच नंबर पहले देखें, फिर सीट नंबर. साथ ही, स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक चार्ट या कोच पोजिशन डिस्प्ले देखकर सही कोच में पढ़ें. अगर टिकट वेटिंग या RAC से कन्फर्म हुआ है तो सीट चेक करें. इसे भी पढ़ें- जून में मिलेगा प्यार या Ex से होगी बात, जानिए क्या है वायरल June Theory