कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करीब 8 करोड़ सक्रिय अंशधारकों के लिए इस महीने के अंत तक एक बेहद शानदार सुविधा शुरू होने जा रही है। अब आपको पीएफ (PF) का पैसा निकालने के लिए लंबी और जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा, बल्कि आप सीधे यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) के जरिए अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे। इसके लिए ईपीएफओ एक समर्पित ऐप लॉन्च कर रहा है, जो भीम (BHIM) और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर काम करेगा। इसके तहत कर्मचारी अपने कुल बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। लेकिन इस आसान सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले आपको टैक्स के नियमों को बारीकी से समझ लेना चाहिए, नहीं तो आपको तगड़ा झटका लग सकता है। आइए, समझते हैं क्या हैं इसके टैक्स नियम।
5 साल से पहले पीएफ निकाला तो देना होगा टैक्स, जानिए नियम

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यूपीआई और एटीएम से पीएफ का पैसा निकालना जितना आसान है, टैक्स का नियम उतना ही कड़ा है। टैक्स नियमों के मुताबिक, यदि किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल तक नौकरी की है (यानी लगातार 5 साल तक पीएफ कंट्रीब्यूशन हुआ है), तो पीएफ निकासी पर कोई टैक्स नहीं देना होता। अगर आप 5 साल की सेवा पूरी करने से पहले ही एटीएम या यूपीआई के जरिए पीएफ फंड निकालते हैं, तो निकाली गई पूरी रकम को आपकी कुल आय (Income) माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा।
आपके टैक्स स्लैब के अनुसार कटेगा पैसा, पुराने टैक्स बेनेफिट्स होंगे वापस

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अगर 5 साल से पहले पैसा निकाला जाता है, तो टैक्स का गणित पूरी तरह बदल जाता है। 5 साल से पहले निकाली गई रकम पर कर्मचारी को उसके मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब (Tax Slab) के अनुसार टैक्स देना होगा। इस टैक्स के दायरे में नियोक्ता (Employer) का हिस्सा, उस पर मिला ब्याज और कर्मचारी का वह हिस्सा भी आ जाएगा, जिस पर उसने पहले सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का दावा किया था। यानी जो टैक्स बेनेफिट आपने पहले लिया था, वह वापस ले लिया जाएगा।
पैन कार्ड (PAN) है या नहीं? इस पर निर्भर करेगा TDS का बड़ा खेल

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पीएफ निकालते समय टीडीएस (TDS) कटौती को लेकर ईपीएफओ के नियम बेहद सख्त हैं, जिन्हें जानना जरूरी है। अगर आपके ईपीएफओ खाते में पैन (PAN) कार्ड की डिटेल्स अपडेटेड हैं, तो 5 साल से पहले निकासी पर 10% की दर से टीडीएस काटा जाएगा। अगर आपके खाते के साथ पैन कार्ड लिंक नहीं है, तो टीडीएस की दर बढ़कर सीधे 34.60% (अधिकतम सीमा) हो जाएगी, जो आपकी जमा पूंजी पर बड़ा झटका है।
आसान उदाहरण से समझें: मान लीजिए आपने ₹5 लाख निकाले, तो कितना कटेगा टैक्स?

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इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं कि फाइनल टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा। मान लीजिए आपने 4 साल की नौकरी के बाद ₹5 लाख निकाले। अगर पैन कार्ड लिंक है, तो ईपीएफओ शुरुआत में ही 10% यानी ₹50,000 टीडीएस काट लेगा। जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरेंगे, तो यह ₹5 लाख आपकी सालाना कमाई में जुड़ जाएंगे। अगर आप 20% वाले टैक्स स्लैब में आते हैं, तो इस रकम पर कुल टैक्स ₹1 लाख बनेगा। चूंकि ₹50,000 टीडीएस पहले ही कट चुका है, इसलिए आपको बाकी बचे ₹50,000 टैक्स के रूप में और देने होंगे। वहीं, 30% स्लैब वालों को बाकी बचे ₹1 लाख चुकाने होंगे।
ईपीएफओ मैनेज करता है ₹26 लाख करोड़ का फंड, पैनिक में न लें फैसला

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यह नई सुविधा केवल आपकी सहूलियत और आपातकालीन स्थितियों के लिए है, इसे सामान्य बैंक खाते की तरह इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। वर्तमान में ईपीएफओ के पास कुल 30 करोड़ रजिस्टर्ड सब्सक्राइबर हैं, जिनमें से करीब 7.5 करोड़ एक्टिव अंशधारक हैं। ईपीएफओ कुल ₹26 लाख करोड़ के विशाल फंड को मैनेज करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम और यूपीआई की सुविधा मिलने से इमरजेंसी में पैसे निकालना तो आसान हो जाएगा, लेकिन टैक्स के कड़े नियमों के कारण बिना सोचे-समझे बार-बार पैसे निकालने से कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड पर बुरा असर पड़ेगा।