BRICS Summit 2026: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों इतना खास है यह सम्मेलन? जानिए 4 बड़े कारण

BRICS Summit 2026 India: भारत में 11 स‍ितंबर से BRICS शिखर सम्मेलन चल रहा है, ज‍िसे भारतीय अर्थव्यवस्था के ल‍िए वरदान के रूप में देखा जा रहा है. आइये जानते हैं क‍ि यह सम्‍मेलन भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए क‍िन कारणों से बेहतर जरूरी है.

BRICS Summit 2026 Economic Impact India
1 / 5
Why BRICS 2026 Summit is Important for Indian Economy

नई दिल्ली में आयोजित 18वां BRICS शिखर सम्मेलन केवल वैश्‍व‍िक राजनीति का मंच नहीं है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार, व्यापार और आम लोगों की वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है. BRICS देशों का समूह ज‍िसमें भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका आद‍ि देश शाम‍िल हैं, दुनिया की 40% से अधिक आबादी और वैश्‍व‍िक जीडीपी (GDP) के लगभग 30-35% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं.  ऐसे में भारत में इस सम्मेलन की मेजबानी करना देश के व्यापार और विकास के लिए नए दरवाजे खोल रहा है. आइए आंकड़ों के आधार पर समझते हैं कि BRICS समिट 2026 भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना जरूरी है.

विज्ञापन

डॉलर पर निर्भरता कम:

डॉलर पर निर्भरता कम: 2 / 5

भारत BRICS मंच के जरिए सदस्य देशों के साथ डॉलर के बजाय अपनी स्थानीय मुद्रा (रुपये) में व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है. इससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) सुरक्षित रहता है और डॉलर के उतार-चढ़ाव से भारतीय बाजार पर असर कम पड़ता है. भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को BRICS देशों के साथ जोड़ने और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) शेयर करने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे विदेशों में व्यापार करना और भारतीय पर्यटकों के लिए लेनदेन करना काफी सस्ता और सुगम हो जाएगा.

विज्ञापन

भारतीय MSMEs और छोटे कारोबारियों को ग्लोबल बाजार

भारतीय MSMEs और छोटे कारोबारियों को ग्लोबल बाजार3 / 5

भारत में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान BRICS देशों को लगभग 82 बिलियन डॉलर का सामान और अरबों डॉलर की सर्विसेज एक्सपोर्ट की गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 रुकावटों (Trade Barriers) को खत्म करने का आह्वान किया है. छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने और एक्सपोर्ट फाइनेंसिंग आसानी से मिलने के लिए BRICS Invoicing Discounting Mechanism और MSME Co-operation Portal का रोडमैप तैयार किया जा रहा है.

एनर्जी सिक्योरिटी और क्रिटिकल मिनरल्स

एनर्जी सिक्योरिटी और क्रिटिकल मिनरल्स 4 / 5

भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल (Crude Oil) आयात करता है. BRICS में रूस, ईरान और यूएई जैसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादक देश शामिल हैं. इस समिट के जरिए सस्ते तेल, गैस आपूर्ति की निरंतरता और हरित ऊर्जा (Green Energy Transition) के लिए आवश्यक क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क‍ि Lithium, Cobalt आदि की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने पर समझौता हो रहा है. इससे देश में पेट्रोल-डीजल और बिजली की कीमतें स्थिर रखने में मदद मिलेगी.

विज्ञापन

स्टार्टअप्स और आईटी के लिए नए मौके

स्टार्टअप्स और आईटी के लिए नए मौके5 / 5

भारत की पहचान दुनिया के ग्लोबल सॉल्यूशंस हब के रूप में बन चुकी है. भारत ने BRICS Incubator Network और BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव रखा है. इससे भारतीय टेक स्टार्टअप्स, फिनटेक कंपनियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों को ब्रिक्स देशों के विशाल बाजार में सीधे निवेश और साझेदारी के मौके मिलेंगे.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन