CC Vs EC Train Coach: इंडियन रेलवे में सफर करना आसान है. आप अपने बजट के हिसाब से कोच को बुक कर सकते हैं और अपना सफर एंजॉय कर सकते हैं. हालांकि, कई पार सफर बहुत लंबा हो जाता है और बैठे बैठे कमर में दर्द होने लगता है. इसलिए हमेशा टिकट बुक टाइम के हिसाब से करना चाहिए. टिकट बुक करते वक्त भारतीय रेलवे में सफर करते समय अक्सर टिकट बुक करते वक्त CC और EC जैसे ऑप्शन सामने आते हैं. कई लोगों को यह समझ नहीं आता कि दोनों में क्या फर्क है और लंबी यात्रा के लिए कौन सा कोच बेहतर रहेगा. आइए इस लेख में आपकी ये कन्फ्यूज भी दूर कर देते हैं और बताएंगे कि लंबे सफर के लिए कौन सा कोच बेस्ट रहेगा.
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सीसी क्या होता है?
सीसी का मतलब होता है चेयर कार. यह कोच आमतौर पर डे-ट्रैवल यानी दिन के सफर के लिए बनाया जाता है. अगर आप दिन का सफर कर रहे हैं तो सीसी बुक किया जा सकता है. आपको यह कोच शताब्दी, जन शताब्दी और इंटरसिटी ट्रेनों में मिलेगा.
सीसी कोच की पहचान कैसे करें?
- इस कोच की सीटिंग अरेंजमेंट में एक तरफ 3 और दूसरी तरफ 2 सीटें होती हैं.
- यह कोच आरामदायक होता है, लेकिन इसमें ज्यादा स्पेस नहीं होता.
- इस कोच में एसी की सुविधा मौजूद होती है और टिकट की कीमत भी कम होती है.
ईसी क्या होता है?
ईसी का मतलब होता है एक्यूटिव चेयर कार. यह सीसी का प्रीमियम वर्जन होता है. इसमें सीट ही होती है, लेकिन ज्यादा आरामदायक होती हैं. इसमें बहुत ही आसानी से लंबा सफर तय किया जा सकता है.
ईसी कोच की पहचान कैसे करें?
- इसमें सीटिंग अरेंजमेंट दोनों तरफ दो लोगों के लिए रखी जाती है, ताकि लोगों को ज्यादा स्पेस मिले.
- इस कोच की सीटें ज्यादा चौड़ी और आरामदायक होती हैं. इसलिए लंबा सफर तय करना आसान हो जाता है.
- यहां पर आपकी फूड और सर्विस क्वालिटी बेहतर मिल जाएगी, लेकिन टिकट कीमत ज्यादा होती हैं.
लंबे सफर के लिए कौन सा कोच बेहतर?
अगर आपका सफर 6 घंटे तक का है तो सीसी कोच अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि यह किफायती है और आराम भी ठीक मिलता है. अगर सफर 6 घंटे से ज्यादा का है या आप ज्यादा आराम चाहते हैं तो ईसी कोच बेहतर रहेगा. इसके अलावा, आप अपने बजट के हिसाब से कोच बुक कर सकते हैं.
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