Relationship Tips by Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज को किसी पहचान की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो अक्सर लोगों को प्रेरित करने के लिए मिल जाते हैं। महाराज जी, सेहत, रिश्ते, इंसानियत और ईश्वर से संबंधित विचारों को लोगों तक पहुंचाते रहते हैं। उनके उपदेश सुनने न सिर्फ आम लोग बल्कि बड़े-बड़े सितारे भी आते हैं। प्रेमानंद महाराज जी, अक्सर दरबार सजाते हैं, जहां लोग अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए उनसे सवाल करते हैं। हाल ही में, उन्होंने एक भक्त के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि लव मैरिज करना सही है या नहीं, क्योंकि आजकल युवाओं में प्रेम विवाह पर ज्यादा विश्वास रहता है।
हालांकि, प्रेमानंद जी बताते हैं कि प्रेम विवाह गलत नहीं है लेकिन अगर आपने एक साथी चुन लिया है, तो तीसरे की तलाश में न जाएं। दो लोग अगर साथ रहते हैं, तो शारीरिक संबंध भी रहता है और फिर ब्रेकअप हो जाता है। वे कहते हैं, आजकल जो प्यार होता है वो सब दिखावटी होता है और नौटंकी होती है। लोग वासना पूरी करते हैं और फिर अलग हो जाते हैं। साथ ही, वह यह भी बताते हैं कि शरीर को तुमने समझ क्या रखा है? दोना-पत्तल समझा है क्या? जीवन चरित्र होता है, प्रेम और संबंध एक ही बार होता है। अब पूरा जीवन उनके साथ व्यतीत करो, हमें कोई परेशानी नहीं है। अगर दोनों ने शरीर का व्यय किया है, तो किसी तीसरे का चुनाव मत करो। अगर इतना होने के बाद भी दोनों लोग अलग हो रहे हैं, तो यह कैसा प्रेम विवाह है?
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माता-पिता को सलाह?
लव मैरिज करने वाले युवाओं के माता-पिता को महाराज जी ने सलाह दी है कि माता-पिता उनका साथ दें। उनके पक्ष को सुने और पहले दोनों पक्षों की बातों को समझने की कोशिश करें। वे अपने बच्चों पर भरोसा करें, क्योंकि इससे उन्हें यह भी पता चलेगा कि वे सुरक्षित तो हैं? कहीं बचपने में कोई गलती तो नहीं कर रहे हैं? यदि वे गलत हैं, तो उन्हें समझाएं। उनकी परेशानियों का हल करें। महाराज जी कहते हैं कि आजकल प्यार को लेकर कोई धर्म और शास्त्र नहीं रह गया है, लिव इन या फिर बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड का रिश्ता धर्म का नहीं है। इसलिए, माता-पिता केवल यह चाहते हैं कि बच्चे सुखी रहें। माता-पिता सभी सुविधाएं कर देंगे विवाह की लेकिन आगे के परिणाम जो होंगे, वे आपके खुद के होंगे। क्योंकि आप माता-पिता की आज्ञा का पालन नहीं कर रहे हैं।