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लाइफस्टाइल

भारत का वो स्कूल जहां बच्चों को टेक्नोलॉजी ही नहीं बल्कि वेदों का ज्ञान भी मिलता है, जानिए पतंजलि गुरुकुलम में कैसे लें एडमिशन

Patanjali Gurukulam Admission: सांस्कृतिक और आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि गुरुकुलम अग्रणी संस्थान है. यह ऋषि संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के बीच की खाई को पाटने का काम कर रहा है. ऐसे में यहां जानिए पतंजलि गुरुकुलम में बच्चे को किस तरह एडमिशन दिलाया जा सकता है.

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Written By: Seema Thakur Updated: Mar 21, 2026 13:17
Patanjali gurukulam
पतंजलि गुरुकुलम की प्रवेश परीक्षा से लेकर करिकुलम तक जानिए सबकुछ.

Patanjali Gurukulam: भारत की प्राचीन परंपराएं, ज्ञान और मूल्य मानवता के लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहे हैं. लेकिन, लोगों को अक्सर लगता है कि सांस्कृतिक ज्ञान का मतलब केवल धार्मिक ग्रंथ पढ़ना है, जबकि भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान केवल वेद-पुराण पढ़ने तक ही सीमित नहीं है. इसका प्रमाण शून्य का आविष्कार करने वाले आर्यभट और शल्य चिकित्सा के जनक कहलाए जाने वाले महर्षि सुश्रुत जैसे महान व्यक्तित्व हैं. आधुनिक शिक्षा यानी स्कूलों की पढ़ाई गणित, विज्ञान और भाषाओं तक सीमित रह गई है जबकि पतंजलि गुरुकुलम भारतीय परंपरा को एक बार फिर जिंदा करते हुए बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं देता बल्कि वैदिक जीवनशैली, दिनचर्या, पारंपरिक मूल्यों, कृषि और गौसेवा, विज्ञान, गणित, भाषा, वेद और उपनिषद का ज्ञान, कौशल विकास, शारीरिक शिक्षा, योग, कंप्यूटर विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सिखाता है. यहां जानिए पंतजलि गुरुकुलम में एडमिशन (Patanjali Gurukulam Admission) किस तरह लिया जा सकता है और यहां बच्चों को बाकी स्कूलों से अलग क्या-क्या सिखाया जाता है.

पतंजलि गुरुकुलम का पाठ्यक्रम

साल 2017 में पतंजलि गुरुकुलम का उद्घाटन हुआ था. हरिद्वार स्थित पतंजलि गुरुकुलम को भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB), CBSE, ड्रिस्टिक्ट सीईओ और राज्य सरकार से प्रामाणिकता प्राप्त है. यहां करिकुलम में संस्कृत, संगीत, इंग्लिश, फिजिक्स, स्पैनिश, फाइन आर्ट, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, हिंदी, आर्ट एंड क्राफ्ट, राजनीतिक विज्ञान, कंप्यूटर साइंस और इतिहास विषय हैं जो कक्षा के अनुसार बच्चों के अकेडमिक इयर में शामिल किए जाते हैं.

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शास्त्रों में बच्चों को श्रीमद्भागवदगीता, अष्टाध्यायी, उपनिषध, पंचोपदेशन, पंचदर्शन, यजुर्वेद, योगदर्शन, इशोपनिषद्, चाणक्य नीति, अष्टाध्यायी, केनोपनिषद्, मीमांसा, मनुस्मृति और फिट्सूत्र आदि सिखाए जाते हैं.

कौन-कौन से खेल सिखाए जाते हैं

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पतंजलि गुरुकुलम में बच्चों को जिमनास्टिक्स, बॉक्सिंग, वॉली बॉल, हैंड बॉल, बास्केट बॉल, कुश्ती, कबड्डी, मल्लखंब, जूजो, बैडमिंटन, खोखो, स्केटिंग और एथलेटिक्स बच्चों को खिलाए और सिखाए जाते हैं.

एडमिशन और फीस

पतंजलि गुरुकुलम में एडमिशन प्रोसेस में सबसे पहले पतंजलि गुरुकुलम की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन किया जाता है. फॉर्म भरने के बाद एंट्रेंस एग्जाम होता है जिसमें बच्चों की इंटेलिजेंस का टेस्ट लिया जाता है. इसके बाद बच्चों और माता-पिता का एकसाथ इंटरव्यू लिया जाता है. देखा जाता है कि बच्चा गुरुकुल के अनुशासन में ढल पाएगा या नहीं. इसके बाद बच्चे की सेहत का परीक्षण किया जाता है. इसके बाद ही बच्चे का एडमिशन होता है.

पतंजलि गुरुकुलम में एंट्रैस एग्जाम अक्टूबर और नवंबर के महीने में शुरू हो जाते हैं और शैक्षणिक सत्र की शुरुआत मार्च महीने से होती है. कक्षा 1 से 12वीं तक की फीस सालाना 1 लाख, 36 हजार है.

एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र कितनी होनी चाहिए

कक्षा 1 के लिए बच्चे की उम्र 6 साल, 2 के लिए 7 साल और 3 के लिए 8 साल होनी चाहिए. इसी तरह बाकी कक्षाओं के लिए उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है.

बाकी स्कूलों से कैसे अलग है पतंजलि गुरुकुलम

प्राचीन गुरुकुल परंपरा – भारत में सदियों पहले गुरुकुल की परंपरा थी. राजा-महाराजा से लेकर साधारण लोग भी अपने बच्चों को ज्ञान अर्जित करने के लिए गुरुकुल भेजा करते थे जहां वे ना सिर्फ पढ़ाई करते थे बल्कि शस्त्रों और शास्त्रों का ज्ञान भी अर्जित करते थे. गुरुकुल की इसी परंपरा को पतंजलि ने प्राचीन और आधुनिक शैक्षिक परिदृश्य में बदला है जहां बच्चों को वेद-पुराण का ज्ञान भी दिया जाता है और नई टेक्नोलॉजी भी सिखाई जाती है.

वेदों का ज्ञान – पतंजलि गुरुकुलम ने वेदों के अध्य्यन पर जोर दिया है और विद्यार्थियों को प्राचीन ग्रंथों का गहराई से अध्ययन करना सिखा रहा है. यहां भारतीय दर्शन, ज्ञान और परंपराओं से बच्चों को परिचित करवाया जाता है.

योग और आयुर्वेद का अभ्यास – बच्चों को योग करवाया जाता है और आयुर्वेद के सिद्धांतों से परिचित करवाया जाता है. इससे ना सिर्फ वे अपनी सेहत का ख्याल रखते हैं बल्कि यौगिक जीवनशैली से परिचित होकर शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं.

कला और संस्कृति की समझ – पतंजलि गुरुकुलम में बच्चों को शास्त्रीय संगीत, नृत्य और चित्रकला का अभ्यास करवाया जाता है. बच्चे अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस करना सीखते हैं.

यह भी पढ़ें – मिट्टी की जांच समेत 10 से ज्यादा फीचर्स से लैस है ‘धरती का डॉक्टर’, किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं

First published on: Mar 21, 2026 01:16 PM

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