बेटी के 13 साल का होने से पहले पिता को सीखनी चाहिए ये 5 बातें, पैरेंटिंग एक्सपर्ट ने कहा बिटिया के चेहरे पर हमेशा रहेगी मुस्कान

Father Daughter Relationship Tips: बेटी के पिता को बेटी की परवरिश में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. यहां जानिए वो कौन सी बातें हैं जो पिता को अपनी बेटी के 13 साल की हो जाने से पहले जरूर पता होनी चाहिए.

Parenting

13 साल की बेटी के पिता कैसे बने?

Parenting: बेटियों के लिए उनके पिता उनके हीरो होते हैं. बेटियां अक्सर कहती भी हैं कि बड़े होने के बाद शादी भी ऐसे ही व्यक्ति से करेंगी जो बिल्कुल उनके पिता जैसा हो. पिता (Father) के लिए बिटिया सबसे खास होती है तभी तो चुटकी लेते हुए लड़कियों को अक्सर पापा की परी कह दिया जाता है. लेकिन, 13 साल की उम्र में बेटियों (Daughters) के शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं और भावनात्मक रूप से भी काफी कुछ बदल जाता है. ऐसे में पैरेंटिंग एक्सपर्ट ने बताया है बेटी 13 साल की हो इससे पहले पिता को 5 बातें जरूर सीख लेनी चाहिए. माओनड्यूटी नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से इस पोस्ट को शेयर किया गया है. आप भी जानिए बेटी के पिता को उसके किशोरावस्था में आने से पहले कौन सी बातें पता होनी चाहिए.

विज्ञापन

बेटी के 13 साल का होने से पहले सीख लें ये चीजें

पहली सीख – आपको ऐसा पुरुष (Male) बनना है जो बेटी की बॉडी पर कमेंट ना करे. वह बहुत मोटी है या बहुत ज्यादा पतली है जैसी बातें आपको नहीं कहनी हैं. इससे बेटी के आत्मविश्वास को ठेस लगती है.

विज्ञापन

दूसरी सीख – ऐसे पुरुष बनें जो अपनी बेटी के साथ चलें ना कि उसके आगे. आपको अपनी बेटी के जहन में ऐसी बातें नहीं डालनी है कि वह किसी से भी कमतर है या आप उसके साथ नहीं हैं.

तीसरी सीख – ऐसे पुरुष बनें जो बेटी को जोर से बोलने या हंसने के लिए शर्मिंदा ना करें. आपको अपनी बेटी के लिए एक सेफ स्पेस बनाना है.

विज्ञापन

चौथी सीख – आपको ऐसा पुरुष बनना है जो दूसरे पुरुषों को महिलाओं को गलत बोलने या अपमानित करने से रोकें.

पांचवी सीख – ऐसे पुरुष बनें जो अपनी बेटी के ओपिनयन (Opinion) की कद्र करें. ऐसे पिता ना बनें जो बेटी के विचारों को ना सुनते हों या उनका सम्मान ना करते हों.

विज्ञापन

इन बातों का भी रखें ध्यान

विज्ञापन
  • बेटी बड़ी होने लगती है तो पिता को भी उसके दोस्त की भूमिका में आना चाहिए. बेटी से प्यार से दोस्त की तरह बात करना भी जरूरी है. कम्यूनिकेशन को कमजोर ना पड़ने दें.
  • सुनने की भी आदत डालें. बेटी की बात बैठकर सुन लेने भर से ही उसका मन हल्का हो जाता है.
  • बेटी को समझाएं कि वह जैसी है पूरी है. किसी और के बनाए नियमों पर चलना उसकी जिम्मेदारी नहीं है.
  • सीमाएं तय करें लेकिन सम्मान भी बनाए रखें. बेटी को सही गलत की पहचान करना सिखाएं.
  • अपनी बेटी से भावनात्मक रूप से जुड़े रहें. उसे रोने की आजादी भी दें और आंसुओं के बाद सशक्त होने की सीख भी दें.
  • बेटी को आत्मनिर्भर बनाएं. उसे पैसों की कद्र करना सिखाने के साथ पैसे संभालने और बचाने भी सिखाएं.

यह भी पढ़ें- बच्चों को अपने माता-पिता के साथ कब तक सोना चाहिए? एक्सपर्ट ने बताया किस उम्र तक बच्चे को पैरेंट्स के साथ जरूर सुलाना चाहिए

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ