विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ओमान के तट पर 'सेटेबेल्लो' (Settebello) नाम के समुद्री जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि आज ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज 'सेटेबेल्लो' पर हुए हमले की भारत निंदा करता है. बयान में आगे कहा गया कि ओमान में भारतीय दूतावास हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है और लापता क्रू सदस्यों का पता लगाने के लिए इमरजेंसी सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन चलाने के लिए ओमान के समुद्री अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है.
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MEA ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस इलाके में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये इलाके में चल रहे टकराव का सीधा नतीजा हैं. MEA ने कहा कि वो तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने की अपनी मांग दोहराते हैं, ताकि इलाके में शांति और स्थिरता लौट सके. भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्लोबल ट्रेड रूट्स को जियोपॉलिटिकल असर से बचाया जाना चाहिए. सरकार ने आम लोगों के इस्तेमाल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाए जाने को तुरंत रोकने की मांग की और इंटरनेशनल कम्युनिटी से कहा कि वो इंटरनेशनल मैरीटाइम लॉ के तहत जरूरी वॉटरवेज में बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करें.
आखिर क्यों हुआ हमला?
ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप 'एम्ब्रे' ने बताया कि ये हमला तब हुआ जब अमेरिका ने जहाज को दो मिसाइलों से निशाना बनाया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एम्ब्रे ने कहा कि संभवतः ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अमेरिकी अभियानों का नतीजा था. पहले भी क्रू को चेतावनी दी गई है कि हमले की स्थिति में, खासकर जब हमला जहाज के पिछले हिस्से (स्टर्न) पर हो रहा हो, तो वो जहाज के अगले हिस्से (बो) पर इकट्ठा हो जाएं. इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स एजेंसी ने बताया कि पलाऊ के झंडे वाला एक केमिकल/ऑयल प्रोडक्ट टैंकर, ओमान के सोहार बंदरगाह से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में इंजन रूम में आग लगने की सूचना दे रहा था.
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विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ओमान के तट पर ‘सेटेबेल्लो’ (Settebello) नाम के समुद्री जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि आज ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज ‘सेटेबेल्लो’ पर हुए हमले की भारत निंदा करता है. बयान में आगे कहा गया कि ओमान में भारतीय दूतावास हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है और लापता क्रू सदस्यों का पता लगाने के लिए इमरजेंसी सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन चलाने के लिए ओमान के समुद्री अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है.
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MEA ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस इलाके में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और ये इलाके में चल रहे टकराव का सीधा नतीजा हैं. MEA ने कहा कि वो तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने की अपनी मांग दोहराते हैं, ताकि इलाके में शांति और स्थिरता लौट सके. भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्लोबल ट्रेड रूट्स को जियोपॉलिटिकल असर से बचाया जाना चाहिए. सरकार ने आम लोगों के इस्तेमाल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाए जाने को तुरंत रोकने की मांग की और इंटरनेशनल कम्युनिटी से कहा कि वो इंटरनेशनल मैरीटाइम लॉ के तहत जरूरी वॉटरवेज में बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करें.
आखिर क्यों हुआ हमला?
ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप ‘एम्ब्रे’ ने बताया कि ये हमला तब हुआ जब अमेरिका ने जहाज को दो मिसाइलों से निशाना बनाया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एम्ब्रे ने कहा कि संभवतः ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अमेरिकी अभियानों का नतीजा था. पहले भी क्रू को चेतावनी दी गई है कि हमले की स्थिति में, खासकर जब हमला जहाज के पिछले हिस्से (स्टर्न) पर हो रहा हो, तो वो जहाज के अगले हिस्से (बो) पर इकट्ठा हो जाएं. इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स एजेंसी ने बताया कि पलाऊ के झंडे वाला एक केमिकल/ऑयल प्रोडक्ट टैंकर, ओमान के सोहार बंदरगाह से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में इंजन रूम में आग लगने की सूचना दे रहा था.
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