बच्चों को उम्र के हिसाब से कितना सोना चाहिए? यहां जानिए कम सोने से क्या होता है

How Much Sleep Does A Child Need: बच्चों को अगर पर्याप्त नींद ना मिले तो इससे उनकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है. ऐसे में यहां जानिए बच्चे को उम्र के हिसाब से कितनी देर सुलाना चाहिए.

Sleep

बच्चों को कितनी देर सोना चाहिए?

Children’s Health: बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए उनका पूरी नींद लेना जरूरी होता है. अगर बच्चे को पर्याप्त नींद ना मिले तो इससे बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर होने से लेकर मोटापे का खतरा, मेटाबॉलिक दिक्कतें और चिड़िचिड़ापन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में बच्चे का पूरी नींद (Sleep) लेना बेहद जरूरी होता है. यहां जानिए उम्र के हिसाब से रोजाना बच्चे को कितनी देर सुलाना चाहिए जिससे उसकी नींद भी पूरी हो और सेहत भी अच्छी रहे.

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बच्चे को उम्र के हिसाब से कितनी देर सुलाना चाहिए

बच्चे की उम्रकितनी नींद जरूरी है
0-4 महीने का बच्चाइस उम्र के बच्चे की नींद के घंटे तय नहीं किए जा सकते हैं
4 महीने से 1 साल का बच्चाइस उम्र में बच्चे को 12 से 16 घंटे की नींद लेनी चाहिए
1 से 2 साल का बच्चाइस उम्र के बच्चे के लिए 11 से 14 घंटे सोना जरूरी है
3 से 5 साल का बच्चाइस उम्र में बच्चे को 10 से 13 घंटे की नींद चाहिए होती है
6 से 12 साल का बच्चाइस उम्र में बच्चे को 9 से 12 घंटे की नींद लेनी चाहिए
13 से 18 साल के टीनेजर्सइस उम्र में टीनेजर्स को 8 से 10 घंटे की नींद लेनी चाहिए.

नींद की कमी से क्या होता है

  • बच्चों के लिए पूरी नींद जरूरी है. पूरी नींद ना ली जाए बच्चे के सीखने की क्षमता प्रभावित होती है. बच्चे किसी चीज में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं.
  • नींद की कमी (Sleeplessness) से बच्चों में ग्रोथ हार्मोन का स्त्राव सही तरह से नहीं हो पाता है. यह हार्मोन बच्चे के कद और शारीरिक विकास के लिए जरूरी है.
  • बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे इसके लिए बच्चे का पूरी नींद लेना जरूरी होता है.
  • नींद की कमी से बच्चों में चिड़चिड़ापन रहने लगता है. इससे बच्चे मूडी हो जाते हैं.
  • बच्चों में तनाव की दिक्कत देखी जाती है.
  • नींद की कमी वजन बढ़ने की वजह बन सकती है.
  • नींद की कमी से दिल की दिक्कतों का खतरा बढ़ता है.
  • नींद की कमी आगे चलकर बच्चों में डायबिटीज की वजह बन सकती है.
  • बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे नजर आ सकते हैं.

यह भी पढ़ें- बच्चों को अपने माता-पिता के साथ कब तक सोना चाहिए? एक्सपर्ट ने बताया किस उम्र तक बच्चे को पैरेंट्स के साथ जरूर सुलाना चाहिए

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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