NEET को लेकर चीन ने उड़ाया भारत का मजाक? दूतावास के ‘गाओकाओ’ एग्जाम पर एक सोशल पोस्ट से उठे सवाल
NEET-UG पेपर लीक को लेकर मचे भारी विवाद के बीच, चीन ने भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं के मैनेजमेंट पर तंज कसा. चीनी दूतावास ने लगभग 1.3 करोड़ छात्रों के लिए 'गाओकाओ' (Gaokao) परीक्षा के बिना किसी गड़बड़ी के आयोजन का जिक्र किया.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jun 10, 2026 23:44
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jun 10, 2026 23:44
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Credit: Social Media
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बुधवार को चीन ने NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों को लेकर भारत पर तंज कसा. चीन ने अपने देशव्यापी यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 'गाओकाओ' (Gaokao) के सुचारू आयोजन का उदाहरण दिया, जिसमें दो दिनों में लगभग 1.3 करोड़ छात्र शामिल हुए थे. इस बड़े प्रयास का जिक्र करते हुए, भारत में चीनी दूतावास ने बताया कि परीक्षा बिना किसी रुकावट के आयोजित हो, इसके लिए कारखानों में कामकाज रोक दिया गया, सड़कों को खाली कराया गया और पूरा देश छात्रों के समर्थन में एकजुट हो गया.
चीन ने क्या कहा?
भारत में चीनी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में इस परीक्षा के बड़े पैमाने और इसके आयोजन की तारीफ करते हुए इसकी तुलना भारत की JEE और NEET प्रवेश परीक्षाओं से की. चीन के ये टिप्पणी भारत में परीक्षा के मैनेजमेंट पर उठ रहे सवालों के बीच आई है, जो 3 मई को NEET-UG पेपर लीक होने के बाद शुरू हुए थे. अब 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा होगी. चीनी दूतावास के प्रवक्ता यू जिंग ने कहा कि चीन की 'गाओकाओ' परीक्षा - जो दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा है और भारत की JEE और NEET परीक्षाओं के बराबर मानी जाती है, वो 1.3 करोड़ छात्रों के लिए सिर्फ दो दिनों में सुचारू रूप से आयोजित की गई. इस पोस्ट में परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए देश भर में की गई असाधारण लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया. चीनी राजदूत ने कहा कि फैक्टरियां रुक गईं, सड़कें शांत हो गईं, पूरा देश अपने छात्रों के समर्थन में एकजुट हो गया.
क्यों खास है 'गाओकाओ'
गाओकाओ (Gaokao) को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है. यह चीनी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन का मुख्य जरिया है और अक्सर इसे किसी स्टूडेंस की लाइफ की सबसे अहम घटनाओं में से एक माना जाता है. इस साल ये परीक्षा दो दिनों तक चली, जिसमें पूरे देश से लगभग 1.3 करोड़ उम्मीदवार शामिल हुए. दूतावास की ओर से भारत की इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ की गई तुलना खास तौर पर ध्यान खींचने वाली थी. जहां NEET और JEE अलग-अलग आयोजित की जाती हैं और हर साल इनमें लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, वहीं गाओकाओ यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया को एक ही राष्ट्रीय परीक्षा में समेट लेती है.
बुधवार को चीन ने NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों को लेकर भारत पर तंज कसा. चीन ने अपने देशव्यापी यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट ‘गाओकाओ’ (Gaokao) के सुचारू आयोजन का उदाहरण दिया, जिसमें दो दिनों में लगभग 1.3 करोड़ छात्र शामिल हुए थे. इस बड़े प्रयास का जिक्र करते हुए, भारत में चीनी दूतावास ने बताया कि परीक्षा बिना किसी रुकावट के आयोजित हो, इसके लिए कारखानों में कामकाज रोक दिया गया, सड़कों को खाली कराया गया और पूरा देश छात्रों के समर्थन में एकजुट हो गया.
चीन ने क्या कहा?
भारत में चीनी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में इस परीक्षा के बड़े पैमाने और इसके आयोजन की तारीफ करते हुए इसकी तुलना भारत की JEE और NEET प्रवेश परीक्षाओं से की. चीन के ये टिप्पणी भारत में परीक्षा के मैनेजमेंट पर उठ रहे सवालों के बीच आई है, जो 3 मई को NEET-UG पेपर लीक होने के बाद शुरू हुए थे. अब 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा होगी. चीनी दूतावास के प्रवक्ता यू जिंग ने कहा कि चीन की ‘गाओकाओ’ परीक्षा – जो दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा है और भारत की JEE और NEET परीक्षाओं के बराबर मानी जाती है, वो 1.3 करोड़ छात्रों के लिए सिर्फ दो दिनों में सुचारू रूप से आयोजित की गई. इस पोस्ट में परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए देश भर में की गई असाधारण लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया. चीनी राजदूत ने कहा कि फैक्टरियां रुक गईं, सड़कें शांत हो गईं, पूरा देश अपने छात्रों के समर्थन में एकजुट हो गया.
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क्यों खास है ‘गाओकाओ’
गाओकाओ (Gaokao) को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है. यह चीनी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन का मुख्य जरिया है और अक्सर इसे किसी स्टूडेंस की लाइफ की सबसे अहम घटनाओं में से एक माना जाता है. इस साल ये परीक्षा दो दिनों तक चली, जिसमें पूरे देश से लगभग 1.3 करोड़ उम्मीदवार शामिल हुए. दूतावास की ओर से भारत की इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ की गई तुलना खास तौर पर ध्यान खींचने वाली थी. जहां NEET और JEE अलग-अलग आयोजित की जाती हैं और हर साल इनमें लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, वहीं गाओकाओ यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया को एक ही राष्ट्रीय परीक्षा में समेट लेती है.