भगवान शिव को प्रिय है अपराजिता का फूल, सावन में ऐसे लगाएं पौधा

How To Plant Aparajita: सावन में घर पर अपराजिता का पौधा लगाने की सोच रहे हैं? सही समय, मिट्टी, धूप और देखभाल से जुड़ी जरूरी बातें जान लें ताकि पौधा तेजी से बढ़े और अच्छी तरह फूल दे.

Aprajita Plant

इस तरह घर पर अपराजिता का फूल लगाएं.

Aprajita Plant: सावन का महीना आते ही हर हर तरफ हरियाली और पूजा-पाठ का माहौल देखने को मिलता है. ऐसे में कई लोग सावन में ऐसे पौधे लगाना पसंद करते हैं जिन्हें धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है. इन्हीं पौधों में नाम आता है अपराजिता का, जिसके फूल भगवान शिव (Lord Shiva) को बहुत प्रिय हैं और भगवान विष्णु की पूजा में विशेष महत्व रखते हैं. लेकिन सिर्फ पौधा लगा देने से बात नहीं बनती. पौधा लगाने के लिए सही महीना, सही मिट्टी और सही देखभाल का तरीका भी बहुत मायने रखता है. आइए जानते हैं कि इस सावन आप कैसे घर में सही तरीके से अपराजिता का पौधा लगा सकते हैं.

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अपराजिता लगाने का सबसे सही महीना कौन-सा है?

अपराजिता लगाने का सबसे अच्छा महीना जुलाई-अगस्त होता है, क्योंकि इस दौरान मानसून का मौसम होता है और यह पौधे की ग्रोथ के लिए बेस्ट रहता है. इस समय इसकी जड़ें जल्दी विकसित होती हैं जिसकी वजह से इसमें फूल भी ज्यादा आते हैं.

गमला और मिट्टी कैसी होनी चाहिए?

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पौधा लगाने के लिए ऐसा गमला चुनें जिसमें नीचे ड्रेनेज होल हो, जिसकी वजह से जो भी पानी अतिरिक्त होता है, वह गमले से बाहर निकल जाता है ताकि पौधे की जड़ें न सड़ें. ऐसी मिट्टी बनाने के लिए, जिसमें पौधे की अच्छी ग्रोथ हो, उसमें 50% सामान्य मिट्टी, 30% गोबर की खाद और 20% रेत डालें. और इसी में पौधे को लगाएं.

पौधे को कितनी धूप और कितना पानी चाहिए?

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पौधे के लिए ऐसा इंतजाम करें कि उसे रोज 4 से 5 घंटे कम से कम धूप मिले. मिट्टी को थोड़ा नम ही रखें, लेकिन ध्यान रखें कि पौधे में ओवरवॉटरिंग भी न करें. केवल ऊपर से पानी का छिड़काव करें.

कितने दिनों में बेल बढ़ती है और फूल आते हैं?

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पौधा लगाने के बाद लोगों का एक ही सवाल होता है कि कितने दिनों में बेल बढ़ेगी और फूल निकलेंगे. पौधा लगाने के 10 से 15 दिन बाद बेल फैलना शुरू हो जाएगी. और उसके बाद 45 से 50 दिन में फूल आने लगते हैं. अगर आप पौधे की देखभाल करेंगे तो रोज 2 से 3 फूल आ सकते हैं.

अपराजिता के फूल ऐसे आएंगे काम

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अपराजिता के फूल सिर्फ पूजा में भगवान शिव को अर्पित करने के ही काम नहीं आते बल्कि और भी कई काम आते हैं. अपराजिता के फूल चाय बनाने के काम आते हैं. अपराजिता के फूल स्किन और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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