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Christmas से जुडे़ ये 5 सीक्रेट्स नहीं जानते होंगे आप

Christmas 2024: हर साल क्रिसमस 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन ईसा मसीह का जन्मदिन मनाया जाता है। इस पर्व का जश्न पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन जगह-जगह पर क्रिसमस के आयोजन और उनकी परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। आज हम आपको अपनी रिपोर्ट में 5 ऐसे फैक्ट्स के बारे में बता रहे हैं, जो क्रिसमस से जुड़े हैं।

Christmas 2024: क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के जन्म का प्रतीक है। यह एक ईसाई पर्व है, जो हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस तारीख को रोमन कैथलिक चर्च द्वारा चुना गया है। इस तारीख का संबंध यीशू की असली जन्मतिथी से हो, ऐसा कोई तर्क या पुष्टी नहीं मिली है। पहले इस पर्व को पूरी तरह से धार्मिक तौर पर मनाया जाता था, जिसमें जन्म के दृश्य, चर्च सेवाएं और शांति के संदेश शामिल किए जाते थे। आइए आपको अपनी रिपोर्ट में क्रिसमस से संबंधित कुछ फैक्ट्स के बारे में बताते हैं।

Christmas से जुड़े हैं ये 5 सीक्रेट्स

1. क्रिसमस की डेट और संस्कृति

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क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। मगर हर ईसाई 25 दिसंबर को क्रिसमस को नहीं मनाता है। जी हां, इकोनॉमिक टाइम्स में पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस, यूक्रेन और रोमानिया जैसे देशों में रूढ़िवादी ईसाई जूलियन कैलेंडर के अनुसार 7 जनवरी को यह क्रिसमस मनाते हैं।

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2. नाम में बदलाव

क्रिसमस का नाम पहले क्रिसमस नहीं था। क्रिसमस’ नाम की उत्पत्ति पुराने अंग्रेजी वाक्यांश क्रिस्टेस मैसे से हुई है, जिसका अर्थ है क्राइस्ट का मास। रिपोर्ट के अनुसार, क्रिसमस एक आधुनिक नाम है, जिसकी उत्पत्ती 16वीं शताब्दी में हुई थी।

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Christmas 2024

photo credit-meta ai

3. क्रिसमस ट्री की परंपरा

क्रिसमस ट्री रखने की परंपरा की शुरुआत भी 16वीं सदी में जर्मनी से हुई थी, जहां देवदार के पेड़ों को फलों, मेवों और मोमबत्तियों से सजाया जाता था। यह प्रथा 1800 के आसपास इंग्लैंड में फैल गई थी, जो रानी विक्टोरिया के शासनकाल में काफी लोकप्रिय हुई।

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4. सांता क्लॉज की परंपरा

सांता क्लॉज बनने की प्रथा भी सालों पुरानी है। इसकी कहानी सेंट निकोलस से जुड़ी हैं, जो चौथी शताब्दी के एक ईसाई पादरी थे और अपनी उदारता के लिए जाने जाते थे। डच प्रांत के लोग उन्हें सिंटरक्लास कहते थे, जो नाम आगे चलकर सांता क्लॉज बन गया। कथाओं के अनुसार, सांता क्लॉज उड़ते हुए हिरन द्वारा खींचे जाने वाली स्लेज पर बच्चों को उपहार देते हैं।

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5. वैश्विक परंपरा

क्रिसमस को कभी भी खुलकर नहीं मनाया गया है। 1644 में इंग्लैंड में इस त्योहार पर प्रतिबंध लगाया था। वहां के लोग इसे ईसाईयों का तुच्छ पर्व मानते थे। राजशाही खत्म होने के लगभग 20 साल बाद इस पर्व की शुरुआत एकबार फिर से हुई थी।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

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First published on: Dec 23, 2024 03:59 PM

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About the Author

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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