OPEC+ Oil Quota Hike: तेल कोटे पर रूस समेत 22 देशों का बड़ा फैसला, भारत पर क्या होगा असर?

OPEC+ देशों ने कच्चे तेल के प्रोडक्शन कोटा में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. हालांकि इस कदम से भारत जैसे तेल आयातक देशों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है.

Inflation in India

Credit: AI

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दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC+ ने कच्चे तेल के उत्पादन कोटा में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. इस ग्रुप में रूस समेत 22 देश शामिल हैं. OPEC+ के इस फैसले का मकसद वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति को बनाए रखना और बाजार में स्थिरता लाना है. हालांकि भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए ये खबर उतनी राहत देने वाली नहीं मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, OPEC+ के प्रमुख सदस्य देशों ने जुलाई 2026 से तेल उत्पादन लक्ष्य में लगभग 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. ये लगातार चौथा मौका है जब इस ग्रुप ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन बढ़ाने के बावजूद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर इसका बड़ा असर तुरंत दिखाई नहीं देगा. इसकी वजह पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां हैं. कई तेल उत्पादक देश अभी भी अपनी पूरी उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं.

भारत पर पड़ेगा असर

भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. अगर कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं तो पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तेल की ऊंची कीमतें परिवहन लागत बढ़ाती हैं, जिससे खाद्य पदार्थों और बाकी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है. यही वजह है कि OPEC+ के इस फैसले के बावजूद भारत में महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है.

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क्या है वजह?

OPEC+ पिछले कुछ महीनों से प्रोडक्शन कटौती की नीति को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. संगठन का मानना है कि इससे वैश्विक तेल बाजार में बैलेंस बनाए रखने में मदद मिलेगी. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ उत्पादन कोटा बढ़ाने से कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव भी तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है. फिलहाल OPEC+ के इस फैसले पर दुनिया भर के निवेशकों और ऊर्जा विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है. आने वाले हफ्तों में ये साफ होगा कि उत्पादन बढ़ाने का असर कच्चे तेल की कीमतों और भारत समेत बाकी देशों की अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ता है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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