महाराष्ट्र में मुंबई बीएमसी के साथ ही 29 नगर निगम चुनावों के लिए सियासी घमासान जारी है. इस चुनाव से महाराष्ट्र में सियासी समीकरण भी बदलने लगा है, करीब 20 साल बाद ठाकरे परिवार साथ आ गया है. ठाकरे भाई मिलकर चुनावी रण में बीजेपी और शिंदे की शिवसेना को ललकार रहे हैं तो लगातार पवार परिवार के करीब आने की खबरें हैं. दोनों पार्टियां एनसीपी पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. .
महानगरपालिका चुनाव में ठाकरे बंधु जमकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला बोल रहे हैं. वहीं, इस बीच डिप्टी सीएम अजित पवार ने एक इंटरव्यू में दोनों एनसीपी के विलय के संकेत भी दिए हैं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं. अब पवार परिवार के अंदर के सभी तनाव खत्म हो गए हैं. चर्चा तब और गर्म हो गई जब पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निकाय चुनावों के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के दिग्गज अजित पवार और सुप्रिया सुले एक ही मंच पर नजर आए. दोनों एक दूसरे की तारीफ करते नजर आए.
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने अजित पवार ने कहा कि आप हम दोनों की चिंता मत कीजिए. हम साथ बैठेंगे, चर्चा करेंगे और रास्ता निकाल लेंगे.
अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पवार परिवार में अब पहले जैसे हालात नहीं है. यही वजह है कि दोनों एनसीपी पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर पिंपरी-चिंचवड़ चुनावों के लिए एक साथ आए हैं. साथ ही सुप्रिया सुले ने अजित पवार से पत्रकारों द्वारा पूछे गए उन सवालों का भी जवाब दिया कि पुणे के विकास के लिए पैसे कहां से आएंगे।
शरद पवार गुट वाली एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह पुणे के 5 साल के विकास का विषय है.
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इसे देखते हुए बीएमसी समेत 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के बाद बड़ी सियासी हलचल के आसार नजर आ रहे हैं. राज्य में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के मराठी और महाराष्ट्र के मुद्दों के लिए साथ आने के बाद अब एनसीपी के दोनों खेमों के एक होने की चर्चा लंबे वक्त से छिड़ी है. एनसीपी अजित पवार गुट के बैनर-पोस्टरों पर शरद पवार की फोटो लगने लगी है.
बता दें, करीब ढाई साल पहले अजित पवार की बगावत के चलते शरद पवार की एनसीपी टूट गई थी. एनसीपी पार्टी और चुनाव चिह्न अजित पवार को मिल गया था. शरद पवार वाले गुट की एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले हैं. शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के पास तुरही सिंबल मिला था. अगर महाराष्ट्र एनसीपी के दो धड़े एक साथ आते हैं तो उनकी ताकत ज्यादा हो सकती है.
महाराष्ट्र में मुंबई बीएमसी के साथ ही 29 नगर निगम चुनावों के लिए सियासी घमासान जारी है. इस चुनाव से महाराष्ट्र में सियासी समीकरण भी बदलने लगा है, करीब 20 साल बाद ठाकरे परिवार साथ आ गया है. ठाकरे भाई मिलकर चुनावी रण में बीजेपी और शिंदे की शिवसेना को ललकार रहे हैं तो लगातार पवार परिवार के करीब आने की खबरें हैं. दोनों पार्टियां एनसीपी पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. .
महानगरपालिका चुनाव में ठाकरे बंधु जमकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला बोल रहे हैं. वहीं, इस बीच डिप्टी सीएम अजित पवार ने एक इंटरव्यू में दोनों एनसीपी के विलय के संकेत भी दिए हैं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं. अब पवार परिवार के अंदर के सभी तनाव खत्म हो गए हैं. चर्चा तब और गर्म हो गई जब पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निकाय चुनावों के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के दिग्गज अजित पवार और सुप्रिया सुले एक ही मंच पर नजर आए. दोनों एक दूसरे की तारीफ करते नजर आए.
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने अजित पवार ने कहा कि आप हम दोनों की चिंता मत कीजिए. हम साथ बैठेंगे, चर्चा करेंगे और रास्ता निकाल लेंगे.
अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पवार परिवार में अब पहले जैसे हालात नहीं है. यही वजह है कि दोनों एनसीपी पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर पिंपरी-चिंचवड़ चुनावों के लिए एक साथ आए हैं. साथ ही सुप्रिया सुले ने अजित पवार से पत्रकारों द्वारा पूछे गए उन सवालों का भी जवाब दिया कि पुणे के विकास के लिए पैसे कहां से आएंगे।
शरद पवार गुट वाली एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह पुणे के 5 साल के विकास का विषय है.
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इसे देखते हुए बीएमसी समेत 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के बाद बड़ी सियासी हलचल के आसार नजर आ रहे हैं. राज्य में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के मराठी और महाराष्ट्र के मुद्दों के लिए साथ आने के बाद अब एनसीपी के दोनों खेमों के एक होने की चर्चा लंबे वक्त से छिड़ी है. एनसीपी अजित पवार गुट के बैनर-पोस्टरों पर शरद पवार की फोटो लगने लगी है.
बता दें, करीब ढाई साल पहले अजित पवार की बगावत के चलते शरद पवार की एनसीपी टूट गई थी. एनसीपी पार्टी और चुनाव चिह्न अजित पवार को मिल गया था. शरद पवार वाले गुट की एनसीपी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले हैं. शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के पास तुरही सिंबल मिला था. अगर महाराष्ट्र एनसीपी के दो धड़े एक साथ आते हैं तो उनकी ताकत ज्यादा हो सकती है.