प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 15 से 17 जून तक फ्रांस द्वारा आयोजित किए जाने वाले G7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इस अहम दौरे की पुष्टि फ्रांस और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच हुई हालिया उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई है.
फ्रांस के ‘अब्बे डेस वोक्स-डी-सेरने’ में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके फ्रांसीसी समकक्ष ज्यां-नोएल बारोट के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. बैठक के दौरान फ्रांसीसी पक्ष ने इवियन शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी का गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक आर्थिक असंतुलन को दूर करने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करने में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
Arrived at Abbaye des-Vaux-de-Cernay, France to participate in @G7 Foreign Ministers’ Meeting with Partner Countries.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 26, 2026
Was received warmly by Foreign Minister @jnbarrot of France for my first bilateral.
🇮🇳 🇫🇷 pic.twitter.com/1qqzpaB3gJ
शिखर सम्मेलन के एजेंडे में केवल अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा भी शीर्ष पर है. मंत्रियों के बीच मध्य पूर्व के बिगड़ते हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई. भारत और फ्रांस इस बात पर सहमत हुए हैं कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे. यह क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक जीवन रेखा माना जाता है, और इसकी सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है.










