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महाराष्ट्र में महायुति को बड़ा फायदा, बिना वोटिंग 68 उम्मीदवार बने पार्षद, मगर कैसे?

Maharashtra Civic Polls: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव और बीएमसी चुनाव से पहले ही महायुति आगे निकल गई. गठबंधन के 68 उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही पार्षद बन गए. क्या है पूरा मामला, पढ़िए इस रिपोर्ट में.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Jan 3, 2026 12:26
Maharashtra Civic polls
Credit: Social Media

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले निकाय चुनाव और बीएमसी चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं. लेकिन वोटिंग से पहले ही कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई. दरअसल चुनाव से पहले ही महायुति आगे चल रही है. नोमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख के बाद अलग-अलग नगर निकायों में महायुति के 68 कैंडिडेट बिना चुनाव लड़े ही जीत गए.

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बीजेपी को मिली 44 सीटें

68 सीटों पर महायुति गठबंधन को निर्विरोध जीत मिली है, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है.महायुति में शामिल बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, पार्टी के हिस्से में 44 सीटें आईं. एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने 22 सीटें और अजित पवार की एनसीपी ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है. ठाणे की कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में सबसे ज्यादा निर्विरोध उम्मीदवार जीते. पुणे में वार्ड नंबर 35 से बीजेपी उम्मीदवार मंजूषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप पार्षद चुने गए. केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने गठबंधन की इस शानदार जीत पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने दावा किया कि पुणे का अगला मेयर बीजेपी का होगा.

उद्धव गुट ने लगाया आरोप

उद्धव गुट ने महायुति के निर्विरोध चुने गए पार्षदों पर सवाल उठाया है. उनका आरोप है कि महायुति के कैंडिडेट्स ने दूसरी पार्टी के उम्मीदवारों को डरा धमका कर नाम वापस लेने पर बेबस कर दिया. उद्धव गुट शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि महायुति लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि महायुति के उम्मीदवार जीतने के लिए ईडी सीबीआई की धमकी दे रहे हैं या नाम वापस लेने के लिए रिश्वत देने पर उतारू हो गए हैं, ऐसे में ये शर्मनाक बात है कि चुनाव आयोग चुप है.

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First published on: Jan 03, 2026 10:53 AM

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