राहुल गांधी का 15 मिनट भाषण, एकजुट रहने की हुई बात… जानिए ‘इंडिया’ की बैठक में क्या-क्या हुआ?

तीन साल पहले वजूद में आए ‘इंडिया ब्लॉक’ ने अब अपनी रणनीति को और धार देने का फैसला किया है. गठबंधन ने तय किया है कि वे अब हर दो महीने में एक बार जरूर मिलेंगे.

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तीन साल पहले वजूद में आए 'इंडिया ब्लॉक' ने अब अपनी रणनीति को और धार देने का फैसला किया है. गठबंधन ने तय किया है कि वे अब हर दो महीने में एक बार जरूर मिलेंगे.

‘एकजुट रहेंगे तो खड़े रहेंगे, अलग-अलग होंगे तो गिर जाएंगे’ – सोमवार को हुई इंडिया (INDIA) गठबंधन की हाई-प्रोफाइल बैठक में राहुल गांधी का अपनी सहयोगी पार्टियों को यही सबसे बड़ा मैसेज था. विपक्ष के नेता ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में संख्या बल और एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी मजबूती है. इस अहम बैठक में जहां भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई, वहीं गठबंधन के भीतर के मतभेद और तीखी बयानबाजी भी खुलकर सामने आई.

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राहुल की दोटूक – ‘एक-दूसरे की टांग खींचना बंद करें’

एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बैठक में अपने करीब 15 मिनट के भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सहयोगियों को मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया. सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने सहयोगियों को ‘एक-दूसरे की टांग खींचने’ के खिलाफ सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि देश और संविधान के हित के लिए विपक्ष को निजी मतभेदों से ऊपर उठकर लड़ना होगा.

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अंदरूनी कलह और ‘वोट चोरी’ पर बरसे राहुल

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में कुछ सहयोगियों के रवैये पर गहरी निराशा जाहिर की. उन्होंने कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ जैसे गंभीर मुद्दों पर कुछ पार्टियों से जैसा समर्थन मिलना चाहिए था, वैसा नहीं मिला. उन्होंने उन दलों को भी आड़े हाथों लिया जो गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद लगातार कांग्रेस की आलोचना करते हैं. बताया जा रहा है कि इस दौरान ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल मुख्य रूप से निशाने पर रहे.

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‘भाजपा को हराना नामुमकिन नहीं’

गठबंधन का हौसला बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने तर्क दिया कि भाजपा को हराना कोई नामुमकिन काम नहीं है. उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के नतीजों का उदाहरण देते हुए कहा कि निरंतर अंदरूनी कलह से विपक्ष सिर्फ खुद को कमजोर करेगा.

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‘वोटर लिस्ट में हेरफेर’ पर CJI का दरवाजा खटखटाएगा विपक्ष

इस बैठक में इंडिया ब्लॉक के नेताओं के बीच एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया गया. विपक्षी गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर की गई कथित गड़बड़ी को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक औपचारिक याचिका सौंपने पर सहमति जताई है. इस संबंध में एक संयुक्त पत्र जल्द से जल्द चीफ जस्टिस को सौंपा जाएगा.

परिसीमन विधेयक पर जीत बनी एकजुटता की मिसाल – खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में हाल ही में मिली विधायी जीत को याद करते हुए विपक्ष का उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा, ’17 अप्रैल, 2026 को हमने लोकसभा में बहुत ही निर्णायक तरीके से अपनी एकता का प्रदर्शन किया, जब हम सभी परिसीमन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को हराने के लिए एकजुट हुए. अब हमें इसी भावना को और मजबूत करना है ताकि हम सरकार के कुशासन से पैदा हुई राजनीतिक, आर्थिक और विदेश नीति की चुनौतियों का सामना कर सकें.’

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चार राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद पहली बैठक

यह बैठक हाल ही में चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के ठीक एक महीने बाद बुलाई गई है, जिसने विपक्ष के समीकरणों को थोड़ा बदल दिया है. असम और बंगाल में भाजपा सरकार बनाने में सफल रही. वहीं, केरल में कांग्रेस ने अपनी जीत का परचम लहराया. तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय की पार्टी सबसे बड़े उलटफेर के साथ बड़ी विजेता बनकर उभरी.

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अब हर दो महीने में होगी बैठक

तीन साल पहले वजूद में आए ‘इंडिया ब्लॉक’ ने अब अपनी रणनीति को और धार देने का फैसला किया है. गठबंधन ने तय किया है कि वे अब हर दो महीने में एक बार जरूर मिलेंगे. इसी कड़ी में अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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