मोदी कैबिनेट ने लिए 15 फैसले, 4 रेलवे और एक हाईवे प्रोजेक्ट भी मंजूर, जानें किस-किस राज्य को मिला तोहफा‌?

यूनियन कैबिनेट ने तकरीबन 9450 करोड़ रुपये के इंवेस्टमेंट वाले 4 रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स और बिहार में 3590.73 करोड़ रुपये के हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इन फैसलों का मकसद ट्रांसपोर्ट क्षमता बढ़ाना, भीड़ कम करना और रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. सरकार का मकसद देश के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है.

Union Cabinet Meeting

यूनियन कैबिनेट मीटिंग (Photo- PTI File)

यूनियन कैबिनेट ने तकरीबन 9450 करोड़ रुपये के इंवेस्टमेंट वाले 4 रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स और बिहार में 3590.73 करोड़ रुपये के हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इन फैसलों का मकसद ट्रांसपोर्ट क्षमता बढ़ाना, भीड़ कम करना और रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. सरकार का मकसद देश के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है.

विज्ञापन

रेलवे के 4 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

ये 4 रेलवे प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 8 जिलों में करीब 410 किलोमीटर तक फैले होंगे. इनके पूरा होने पर, इनसे तकरीबन 6448 गांव जुड़ेंगे जिनकी कुल आबादी लगभग 60 लाख है. यानी रेल की लाइन उन इलाकों में भी पहुंचेगी जहां अब तक ये सुविधा नहीं मिली थी.

विज्ञापन

1 खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन: पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 173 किलोमीटर रेल लाइन बनेगी जिसकी लागत लगभग 3352 करोड़ रुपये आएगी.

2. भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन: ओडिशा में 75 किलोमीटर रेल लाइन को मंजूरी मिली है जिसकी अनुमानित लागत 1,583 करोड़ रुपये.

3. गुम्मीदिपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन: आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 90 किलोमीटर की रेल लाइन को हरी झंडी दी गई है जिसकी लागत लगभग 2,229 करोड़ रुपये होगी.

4. कटक-पारादीप (बडाबंधा) तीसरी और चौथी लाइन: ओडिशा में 72 किलोमीटर रेलवे लाइन बनेगी जिसकी अनुमानित लागत 2,286 करोड़ रुपये है.

कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?

इन प्रोजेक्ट्स को 2030-31 तक पूरा करने का टारगेट है और इनसे सालाना 76 मिलियन टन ज्यादा माल ढुलाई की क्षमता पैदा होने की उम्मीद है. जिन अहम सामानों को इससे फायदा होगा, उनमें कोयला, आयरन ओर, सीमेंट, स्टील, ऑटोमोबाइल, कंटेनर और अनाज शामिल हैं.

विज्ञापन

रेल मंत्री का बयान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इनमें से 3 प्रोजेक्ट्स हावड़ा-चेन्नई रूट पर हैं. इनके पूरा होने से एक नॉन स्टॉप 4 लाइन वाला कॉरिडोर बनेगा, जिससे ज्यादा ट्रेनें चल सकेंगी और साथ ही माल ढुलाई में सुधार होगा और मेंटनेंस आसान हो जाएगा.

विज्ञापन

टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

इन प्रोजेक्ट्स से भीतरकनिका नेशनल पार्क, चांदीपुर बीच और पुलिकट झील जैसे पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. रेलवे का अनुमान है कि ज्यादा क्षमता से ऑयल इम्पोर्ट में तकरीबन 130 मिलियन लीटर की कमी आ सकती है और कार्बन एमिशन में तकरीबन 650 मिलियन किलोग्राम की कमी आ सकती है.

बिहार-नेपाल बॉर्डर रोड कनेक्टिविटी

कैबिनेट ने बिहार मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच नेशनल हाईवे 22 के 82.578 किलोमीटर लंबे हिस्से को 4 लेन का बनाने की मंजूरी भी दे दी है. हाइब्रिड एन्युइटी मोड के तहत बनने वाला ये 3590.73 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट नेपाल बॉर्डर, मुजफ्फरपुर और एनएच 27 के बीच एक मजबूत लिंक बनाएगा.

विज्ञापन

कई हाईवे होंगे अपग्रेड

अपग्रेड किए गए हाईवे में बड़े पुल, रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर होंगे. इससे ट्रैवल टाइम कम होने, रोड सेफ्टी बेहतर होने, गाड़ियों के चलने का खर्च घटने और खेती, इंडस्ट्री और क्रॉस बॉर्डर ट्रेड एक्टिविटीज को मजबूती मिलने की उम्मीद है. इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट्स का मकसद दूर दराज इलाकों में लॉजिस्टिक्स की कैपेसिटी, ईजी ट्रैवल और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ