---विज्ञापन---

देश angle-right

जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा… उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद बोले अमेरिकी राजदूत

सर्जियो गोर ने यह भी कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी सख्त ट्रैवल वॉर्निंग को कम करने पर फिर से विचार करेगा. अभी अमेरिका ने आतंकवाद के चलते जम्मू-कश्मीर के लिए लेवल-4 की ट्रैवल वॉर्निंग एडवाइजरी लागू है.

---विज्ञापन---

जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका ने बुधवार को बड़ा बयान दिया है. यह बयान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर की ओर से आया है. श्रीनगर दौरे पर गए सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और पहलगाम हमले के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर की यह पहली यात्रा थी.

क्या बोले अमेरिका राजदूत?

सर्जियो गोर ने कहा, ‘यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है. यह भारत का एक अहम हिस्सा है. मैं यहां पहली बार आया हूं. यह जगह बेहद खूबसूरत है.’ गोर की इस टिप्पणी को भारत के उस रुख के समर्थन के तौर पर देखा जाएगा, जिसके तहत भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अटूट हिस्सा है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : पहलगाम अटैक के बाद पीएम मोदी ने अजीत डोभाल से सबसे पहले क्या पूछा था? अब सामने आया सच

ट्रैवल वॉर्निंग पर क्या बोले?

गोर ने यह भी कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी सख्त ट्रैवल वॉर्निंग को कम करने पर फिर से विचार करेगा. अभी अमेरिका ने आतंकवाद के चलते जम्मू-कश्मीर के लिए लेवल-4 की ट्रैवल वॉर्निंग एडवाइजरी लागू है.

---विज्ञापन---

गोर ने आगे कहा, ‘हम इस बात पर विचार करेंगे कि क्या अमेरिका की ओर से जारी ट्रैवल वॉर्निंग को कम किया जा सकता है. इस इलाके को और ज्यादा सेफ बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कदम उठाए गए हैं.’

यह भी पढ़ें : ‘भारत का अभिन्न हिस्सा है अरुणाचल…’, चीन को MEA ने दिया मुंहतोड़ जवाब

---विज्ञापन---

राजदूत सर्जियो गोर ने उमर अब्दुल्ला के साथ तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा है, ‘जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर और उनकी प्राथमिकताओं के बारे में जानकर अच्छा लगा. हमने आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और ऐसे अवसर पैदा करने के तरीकों पर चर्चा की जिनसे हमारे दोनों देशों को फायदा हो.’

अमेरिकी राजदूत का ये दौरा क्यों अहम?

15 से ज्यादा वर्षों में यह किसी मौजूदा अमेरिकी राजदूत और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री के बीच पहली मुलाकात है. पिछली ऐसी मुलाकात साल 2011 में हुई थी, जब तत्कालीन अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. इसके अलावा, अमेरिकी राजदूत का कश्मीर का पिछला ऐसा दौरा साल 2018 में केनेथ जस्टर ने किया था. यह दौरा PDP-BJP सरकार के गिरने के कुछ समय बाद हुआ था.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 19, 2026 04:13 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola