INDIA Bloc Meeting Delhi highlights : देश की राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज विपक्षी दलों के 'INDIA' गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई. लोकसभा चुनाव 2024 के ठीक पहले हुई बैठक के बाद यह गठबंधन की बड़ी औपचारिक बैठक थी. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार करना और गठबंधन के भीतर बढ़ रहे मतभेदों को सुलझाना था. हालांकि, बैठक की शुरुआत के साथ ही विपक्ष की एकजुटता में बड़ी दरार भी साफ नजर आई, क्योंकि दो बड़े प्रमुख सहयोगी दलों— आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली.
DMK और AAP ने क्यों बनाई दूरी?
तमिलनाडु में सत्ता संभाल रही DMK ने कांग्रेस द्वारा राज्य में गठबंधन तोड़ने और टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के फैसले के बाद इस बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया था. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने बैठक से एक दिन पहले ही साफ कर दिया था कि वह कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन में नहीं है. 'आप' ने कांग्रेस पर केवल अपने फायदे के लिए राजनीति करने और तमिलनाडु में डीएमके को धोखा देने का आरोप लगाया. इसके अलावा, झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी कांग्रेस के एकतरफा फैसले से नाराज दिखी.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने की एकजुटता की अपील
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी दलों से 'एकजुटता की भावना' को आगे बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश के सामने केंद्र सरकार के कुशासन की कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे मिलकर ही लड़ा जा सकता है. खड़गे ने गैर-भाजपा राज्य सरकारों के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा भी उठाया.
नीट पेपर लीक और महंगाई पर सरकार को घेरा
विपक्षी नेताओं ने बैठक में देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की. कांग्रेस अध्यक्ष ने नीट-यूजी (NEET-UG 2026) परीक्षा के पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है. विपक्ष ने इस मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को फिर दोहराया. इसके साथ ही जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों, देश में बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण बढ़ रही ऊर्जा की कीमतों पर भी चिंता जताई गई.
इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित 23 दलों के दिग्गज नेता शामिल हुए. गठबंधन के नेता अब राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की लड़ाई के लिए नया रोडमैप तैयार करने में जुटे हैं.
बैठक की 5 सबसे बड़ी और खास बातें
- विपक्षी एकजुटता में बड़ी दरार: लोकसभा चुनाव के बाद हुई इस बड़ी बैठक में 'इंडिया' गठबंधन की एकता कमजोर होती दिखी. आम आदमी पार्टी (AAP) और तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके (DMK) ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली. 'आप' ने साफ कहा कि वह अब कांग्रेस के साथ किसी गठबंधन में नहीं है.
- तमिलनाडु और झारखंड का विवाद: तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा गठबंधन तोड़ने और टीवीके (TVK) के साथ जाने से DMK नाराज थी, जिसके कारण उसने बैठक का बहिष्कार किया. वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस के एकतरफा फैसले से नाराज नजर आई.
- मल्लिकार्जुन खड़गे की एकजुटता की अपील: मतभेदों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी दलों से आपसी मनमुटाव भुलाकर 'एकजुटता की भावना' के साथ आगे बढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मिलकर ही लड़ा जा सकता है.
- NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा: बैठक में विपक्ष ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक और गड़बड़ियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. विपक्ष ने कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई.
- महंगाई और राज्यों से भेदभाव का मुद्दा: विपक्षी नेताओं ने देश में बढ़ती महंगाई और जरूरी चीजों की कीमतों पर चिंता जताई. इसके साथ ही कांग्रेस और अन्य दलों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ बजट और फंड आवंटन में भेदभाव कर रही है.
INDIA Bloc Meeting Delhi highlights : देश की राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई. लोकसभा चुनाव 2024 के ठीक पहले हुई बैठक के बाद यह गठबंधन की बड़ी औपचारिक बैठक थी. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार करना और गठबंधन के भीतर बढ़ रहे मतभेदों को सुलझाना था. हालांकि, बैठक की शुरुआत के साथ ही विपक्ष की एकजुटता में बड़ी दरार भी साफ नजर आई, क्योंकि दो बड़े प्रमुख सहयोगी दलों— आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली.
DMK और AAP ने क्यों बनाई दूरी?
तमिलनाडु में सत्ता संभाल रही DMK ने कांग्रेस द्वारा राज्य में गठबंधन तोड़ने और टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के फैसले के बाद इस बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया था. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने बैठक से एक दिन पहले ही साफ कर दिया था कि वह कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन में नहीं है. ‘आप’ ने कांग्रेस पर केवल अपने फायदे के लिए राजनीति करने और तमिलनाडु में डीएमके को धोखा देने का आरोप लगाया. इसके अलावा, झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी कांग्रेस के एकतरफा फैसले से नाराज दिखी.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने की एकजुटता की अपील
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी दलों से ‘एकजुटता की भावना’ को आगे बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश के सामने केंद्र सरकार के कुशासन की कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे मिलकर ही लड़ा जा सकता है. खड़गे ने गैर-भाजपा राज्य सरकारों के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा भी उठाया.
नीट पेपर लीक और महंगाई पर सरकार को घेरा
विपक्षी नेताओं ने बैठक में देश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की. कांग्रेस अध्यक्ष ने नीट-यूजी (NEET-UG 2026) परीक्षा के पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है. विपक्ष ने इस मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को फिर दोहराया. इसके साथ ही जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों, देश में बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण बढ़ रही ऊर्जा की कीमतों पर भी चिंता जताई गई.
इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित 23 दलों के दिग्गज नेता शामिल हुए. गठबंधन के नेता अब राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की लड़ाई के लिए नया रोडमैप तैयार करने में जुटे हैं.
बैठक की 5 सबसे बड़ी और खास बातें
- विपक्षी एकजुटता में बड़ी दरार: लोकसभा चुनाव के बाद हुई इस बड़ी बैठक में ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता कमजोर होती दिखी. आम आदमी पार्टी (AAP) और तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके (DMK) ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली. ‘आप’ ने साफ कहा कि वह अब कांग्रेस के साथ किसी गठबंधन में नहीं है.
- तमिलनाडु और झारखंड का विवाद: तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा गठबंधन तोड़ने और टीवीके (TVK) के साथ जाने से DMK नाराज थी, जिसके कारण उसने बैठक का बहिष्कार किया. वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस के एकतरफा फैसले से नाराज नजर आई.
- मल्लिकार्जुन खड़गे की एकजुटता की अपील: मतभेदों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी विपक्षी दलों से आपसी मनमुटाव भुलाकर ‘एकजुटता की भावना’ के साथ आगे बढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मिलकर ही लड़ा जा सकता है.
- NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा: बैठक में विपक्ष ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक और गड़बड़ियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. विपक्ष ने कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई.
- महंगाई और राज्यों से भेदभाव का मुद्दा: विपक्षी नेताओं ने देश में बढ़ती महंगाई और जरूरी चीजों की कीमतों पर चिंता जताई. इसके साथ ही कांग्रेस और अन्य दलों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ बजट और फंड आवंटन में भेदभाव कर रही है.