Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन से ठीक पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को लेकर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर खुलासे किए हैं. सरकार ने अदालत में टेलीग्राम को अपराधियों का ‘नया डार्क वेब’ करार दिया है, जिसका इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बचने और देश को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है. यह दलील सरकार ने उस कानूनी लड़ाई के दौरान दी, जो भारत में टेलीग्राम को अस्थाई रूप से ब्लॉक करने के फैसले के बाद शुरू हुई है.
अदालत में केंद्र सरकार ने कहा कि टेलीग्राम दुर्भावनापूर्ण तत्वों और अपराधियों के लिए एक बड़ा जरिया बन चुका है. अपराधियों ने तेजी से इस प्लेटफॉर्म को अपना लिया है. अपराधी टेलीग्राम चैनलों पर ऐसे लिंक पोस्ट करते हैं जो यूजर्स को सीधे डार्क वेब फोरम और डीप वेब नेटवर्क से जोड़ देते हैं. इसके प्राइवेसी फीचर्स के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए अपराधियों की असली पहचान को ट्रैक करना और उनके नेटवर्क को डिकोड करना बेहद कठिन हो जाता है.
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सरकार के मुताबिक, टेलीग्राम का दुरुपयोग ड्रग्स तस्करी, साइबर क्राइम, उग्रवाद, आतंकवाद, बाल यौन शोषण और बड़े वित्तीय घोटालों को अंजाम देने के लिए धड़ल्ले से किया जा रहा है.
केंद्र सरकार ने अदालत के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की प्राइवेसी से जुड़े कई और गंभीर मुद्दे भी उठाए. सरकार ने कहा कि आतंकी संगठनों से जुड़ी संस्थाएं सार्वजनिक व्यवस्था और शांति को भंग करने के इरादे से टेलीग्राम ग्रुप्स और चैनलों के जरिए हिंसक और कट्टरपंथी सामग्री फैला रही हैं.
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साथ ही कहा कि बड़ी संख्या में चैनल पायरेटेड फिल्में, वेब सीरीज और कॉपीराइट कंटेंट अवैध रूप से बांट रहे हैं, जिससे फिल्म इंडस्ट्री को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है.
इसके अलावा बताया कि साइबर अपराधी पिछले डेटा लीक से चुराए गए मोबाइल नंबर, आधार डेटा और अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी को टेलीग्राम बॉट्स के जरिए सार्वजनिक और प्रसारित कर रहे हैं. इसके अलावा वित्तीय धोखाधड़ी के लिए ‘म्यूल बैंक खातों’ की खरीद-बिक्री भी इस प्लेटफॉर्म पर हो रही है.
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यह पूरा मामला तब कोर्ट पहुंचा जब टेलीग्राम ने केंद्र सरकार द्वारा भारत में लगाए गए अस्थाई प्रतिबंध को चुनौती दी. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने आगामी NEET (UG) 2026 पुनः परीक्षा के मद्देनजर किसी भी पेपर लीक या हेरफेर को रोकने के लिए टेलीग्राम को 22 जून तक अस्थाई रूप से ब्लॉक कर दिया है.
इसके साथ ही, सरकार ने टेलीग्राम को 30 जून तक भारत में अपना मैसेज-एडिटिंग फीचर डिसेबल करने का सख्त निर्देश दिया है. एनटीए के अनुसार, इस फीचर का दुरुपयोग कर एडमिनिस्ट्रेटर पुराने संदेशों को बदल देते थे और मूल ‘टाइमस्टैम्प’ को बरकरार रखते हुए नई फाइलें अटैच कर देते थे, जिससे ‘पेपर लीक’ के फर्जी और मनगढ़ंत सबूत तैयार किए जा रहे थे.
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NEET UG परीक्षा विवाद के बाद से ही कई टेलीग्राम चैनल पैसों के बदले गोपनीय परीक्षा सामग्री देने का फर्जी दावा कर रहे थे, जिसके बाद से यह प्लेटफॉर्म जांच के दायरे में है.
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