21 जून को NTA एक बार फिर से NEET Re Exam 2026 का आयोजन करने जा रहा है. इस बीच सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी रोक लगा दी है. बता दें कि NTA की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने IT एक्ट की धारा 69A के तहत आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत टेलीग्राम को 22 जून तक अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है.
लोगों ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल

2 / 8
सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं जैसे कि Telegram को ही क्यों, WhatsApp क्यों नहीं? इस मामले में सरकार का तर्क स्पष्ट है, यह इस बात पर आधारित है कि प्लेटफॉर्म किस तरह से काम करता है. टेलीग्राम ने मेडिकल की तैयारी कर रहे परेशान छात्रों को निशाना बनाने वाले एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क में क्या भूमिका निभाई थी.
Whatsapp क्यों नहीं हुआ ब्लॉक?

4 / 8
वहीं, दूसरी ओर WhatsApp का सिस्टम ज्यादा सुरक्षित है, सरकार ने इस जांच में व्हाट्सऐप पर इस तरह की भूमिका निभाने का आरोप नहीं लगाया है.
फोन नंबर से जुड़े होते हैं वाट्सएप अकाउंट

5 / 8
WhatsApp अकाउंट फोन नंबर से जुड़े होते हैं और भले ही इनसे गलत जानकारी फैल सकती है, लेकिन इनमें टेलीग्राम जैसा बड़े पैमाने पर पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग और सर्च किए जा सकने वाले चैनल सिस्टम नहीं है. WhatsApp पर बड़े पैमाने पर पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सीमित है और इसका ढांचा मुख्य रूप से जान-पहचान वाले लोगों के बीच बातचीत के लिए बनाया गया है. अधिकारियों ने यह नतीजा निकाला है कि जांच के दायरे में आए खास नेटवर्क टेलीग्राम पर बेस्ड थे, न कि व्हाट्सऐप पर.
ठगी करने वाले इस फीचर का कर रहे थे इस्तेमाल

6 / 8
टेलीग्राम चैनल को चलाने वाला एडमिन पुराने मैसेज को एडिट कर प्रश्नपत्र डाल देते थे, क्योंकि ऐप में पुराने टाइम को बरकरार रखते हुए मैसेज को एडिट करने की सुविधा मिलती है. बस मैसेज में एडिट लिखा आता है, इस फीचर का फायदा उठाकर ठगी करने वाले प्रूफ का स्क्रीनशॉट शेयर करते थे कि पेपर से पहले ऐप पर पेपर उपलब्ध था.
टेलीग्राम है एक ब्रॉडकास्टिंग पावरहाउस

7 / 8
व्हाट्सएप निजी बातचीत और फोन नंबर से जुड़े क्लोज्ड ग्रुप पर फोकस करता है जबकि टेलीग्राम एक ब्रॉडकास्टिंग पावरहाउस है जिसके जरिए लाखों लोगों तक एक बार में मैसेज पहुंचाया जा सकता है.
Whatsapp का इकोसिस्टम अलग

8 / 8
सरकार ने इस जांच में व्हाट्सऐप पर ऐसी भूमिका निभाने का आरोप नहीं लगाया है. व्हाट्सऐप अकाउंट मोबाइल नंबर से जुड़ा होता है. हालांकि इस पर गलत जानकारी फैलाई जा सकती है, लेकिन इसमें टेलीग्राम जैसे बड़े पैमाने पर पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग वाला इकोसिस्टम नहीं है. व्हाट्सऐप पर बड़े पैमाने पर पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग सीमित है और इसका ढांचा मुख्य रूप से जान-पहचान वाले लोगों के बीच बातचीत के लिए बनाया गया है.