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JP Nadda के बाद BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कब? दक्षिण के नेता का नाम क्यों

BJP President Election: बीजेपी होली से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव कर लेगी। पार्टी संविधान के अनुसार आधे से अधिक राज्यों के अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है।

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BJP National President 2025: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव की प्रकिया मार्च के पहले सप्ताह तक शुरू हो सकती है। होली से पहले पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए दक्षिण भारत से किसी नेता के नाम पर सहमति बन सकती है। बीजेपी का फोकस अब दक्षिण के राज्यों पर है। फरवरी के आखिर तक 18 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों की चयन प्रकिया पूरी होते ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित होगा।

पार्टी मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक और कार्यकाल देने की जगह नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनेगी। भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए कोई व्यक्ति लगातार दो टर्म तक इसके लिए चुना जा सकता है। नड्डा तकनीकी तौर पर दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की योग्यता रखते हैं, लेकिन उन्होंने दोबारा अध्यक्ष बनने की जगह किसी नए व्यक्ति को यह जिम्मेदारी देने की बात कही है।

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पार्टी सूत्रों ने न्यूज 24 ऑनलाइन को बताया कि इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए दक्षिण भारत से किसी नेता के नाम पर सहमति बन सकती है, क्योंकि बीजेपी का फोकस अब दक्षिण के राज्यों पर है। पिछले 20 साल में वहां से कोई पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना है। 2002 में आखिरी बार पूर्व राष्ट्रपति वैंकेया नायडू बीजेपी के अध्यक्ष बने थे। इस मुद्दे पर पार्टी आरएसएस से भी चर्चा कर चुकी है।

दक्षिण से अब तक 4 अध्यक्ष

बता दें कि पहली बार दक्षिण से साल 2000 में बंगारू लक्ष्मण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। लक्ष्मण बीजेपी के पहले दलित राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। तहलका मैगजीन के स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत का मामला सामने आने के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद तमिलनाडु से आने वाले पार्टी के कद्दावर नेता जना कृष्णमूर्ति को पार्टी का अगला अध्यक्ष बनाया गया। वे करीब एक साल इस पद पर रहे। अटल सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। कृष्णमूर्ति के बाद आंध्रप्रदेश के वैंकेया नायडू 2002 में बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए, लेकिन 2004 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। 2009 में महाराष्ट्र के नितिन गडकरी पार्टी के अध्यक्ष बने थे। वे 2013 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे थे।

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नए अध्यक्ष के नेतृत्व में होगा 2029 लोकसभा चुनाव

गौरतलब है कि 2029 का लोकसभा चुनाव नए अध्यक्ष के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। बीजेपी के अध्यक्ष का कार्यकाल 3 साल का होता है। ऐसे में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल जनवरी 2028 तक होगा। इसके ठीक 14 महीने बाद लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है, ऐसे में नए अध्यक्ष का कार्यकाल लोकसभा चुनाव तक होगा। ऐसा वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा के समय भी देखने को मिला है।

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निर्विरोध होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

बीजेपी में अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होता आया है। यानी एक व्यक्ति ही नामांकन करता है और बिना वोटिंग के ही अध्यक्ष चुन लिया जाता है। 2013 में जब नितिन गडकरी को दोबारा अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई तो यशवंत सिन्हा ने नामांकन पर्चा लिया था, इससे काफी बवाल हुआ था। इसके बाद गडकरी ने अपना नाम वापस ले लिया था और राजनाथ सिंह नए अध्यक्ष बनाए गए थे।

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First published on: Feb 14, 2025 10:46 AM

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