Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने छात्रों के प्रदर्शन पर बयान देते हुए कहा कि यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है. उन्होंने कहा कि ऐसे बल के उपयोग से भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा. बता दें, जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकाला था. इस मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया था. इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे. जिसके बाद छात्रों का मुद्दा और ज्यादा बड़ा हो गया. अब विपक्षी दल भी छात्रों के पक्ष में उतर आए हैं.
मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं. उनकी चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं. इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए.’
It is painful to see young students from different parts of the country assembled for days on the streets of New Delhi. Their anxieties and concerns regarding the examination system are genuine and must be handled with empathy and a desire to find a lasting solution. I fervently…
— Dr. Murli Manohar Joshi (@DrMurliManohar_) July 23, 2026
साथ ही उन्होंने लिखा, ‘मुझे पूरी आशा है कि इसे केवल कानूनी और व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा, जिससे बलपूर्वक निपटा जाये. मुझे यह देखकर अत्यन्त पीड़ा हुई है कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग किया गया. ऐसे बल के उपयोग से भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा.’
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जंतर-मंतर पर करीब एक महीने से छात्र नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं और साथ ही पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजनों के लिए मुआवजा भी मांगा है. छात्रों ने सोमवार को दिल्ली में संसद मार्च का आयोजन किया था, जिस पर दिल्ली पुलिस ने बुरी तरह से डंडे बरसाए थे. इसके बाद छात्र और ज्यादा उग्र हो गए और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो गया.
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वहीं, सरकार का कहना है कि पिछले 24 घंटे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को चार बार वार्ता का न्योता दिया जा चुका है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि छात्र जहां चाहें, वहां किसी भी वक्त बातचीत कर सकते हैं. साथ ही कहा कि बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी उनके साथ होंगे.
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छात्रों के मुद्दे को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर हावी है. राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास के बाहर धरना दिया था. इस धरने में कांग्रेस नेताओं के अलावा अखिलेश यादव भी शामिल हुए थे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, फिर कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया. इसके बाद गुरुवार को राहुल गांधी के घर पर विपक्षी सांसदों की बैठक हुई, और फिर सभी विपक्ष सांसद विरोध जताने के लिए गांधी स्मृति पहुंचे. संसद में भी छात्रों के मुद्दे को लेकर भारी हंगामा देखने को मिल रहा है.
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