दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को क्रैश होने से बचाने और यात्रियों की जान की रक्षा करके सुर्खियों में आए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार बचपन से ही बेहद सूझबूझ वाले और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने वाले व्यक्ति थे. मच्छार के बचपन के मित्र प्रतीक गांधी ने यह बात कही. गांधी मुंबई में उसी इमारत में रहते हैं जहां पायलट का परिवार रहता है. उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही बेहद शांत और संयमित था. हमारी हाउसिंग सोसाइटी में वह सबसे ‘सुलझा हुआ’ बच्चा था.
कैसा था पहला रिएक्शन?
प्रतीक गांधी ने बताया कि हमने जब खबर सुनी तो हम सभी हैरान रह गए. पहले हमें एहसास ही नहीं हुआ कि वह हमारा स्मित है. अब हमें पता चला है कि उसका ऑपरेशन हुआ है और उसकी हालत ठीक है. हमने उसके परिवार से कोई और खबर नहीं सुनी है. वे यहां नहीं हैं. सभी लोग दुबई में हैं.
क्यों बोले पड़ोसी?
मच्छार के पड़ोसियों और परिचितों ने उनके साहस की सराहना की. उन्होंने पायलट के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की और घटना की खबर सामने आने के बाद के तनावभरे माहौल को याद किया. उनके एक पड़ोसी ने कहा कि पायलट की सूझबूझ और कार्रवाई से विमान में सवार 180 से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद मिली. उन्होंने घटना के दौरान मच्छार के साहस को अदम्य हिम्मत का उदाहरण बताया. उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी.
पड़ोसियों ने यह भी बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मच्छार के परिवार को हवाई अड्डा जाने में कैसे मदद की. एक अन्य पड़ोसी ने कहा, ‘हम तुरंत उनके घर पहुंचे. हमने उनके सामान को नीचे लाने में मदद की. सामान कार में रखा और उन्हें रवाना किया.’ उन्होंने बताया कि तनावपूर्ण स्थिति के बीच परिवार को खुद गाड़ी चलाने नहीं दी गई बल्कि स्थानीय निवासी अक्षय दोशी उन्हें हवाई अड्डे लेकर गए.
पड़ोसी ने कहा, ‘मच्छार ने जो किया है, उस पर सभी को बहुत गर्व है. लेकिन जब तक वहां से उनकी हालत के बारे में कोई खबर नहीं मिलती, तब तक में चिंता है.’ एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि पूरा समुदाय उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है और उनके परिवार को हिम्मत दे रहा है.
उन्होंने कहा, ‘मैं उनके और उनके परिवार, खासकर उसकी मां, पिता और भाई के लिए दिल से प्रार्थना कर रहा हूं. यह बेहद चिंता और तनाव का समय है. हम प्रार्थना कर रहे हैं कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आए.’
मच्छार ने 2007-08 में मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से ऑनलाइन मैनेजमेंट डिग्री कोर्स भी किया था. इस संस्थान ने भी उनकी जमकर सराहना की. वीस्कूल, वेलिंगकर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. पंकज नाटू ने उन्हें ‘आसमान में सच्चा हीरो’ बताया. नाटू ने अपने संदेश में कहा, ‘आपका साहस, अनुशासन और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है. यह देखकर गर्व होता है कि वेलिंगकर का एक पूर्व छात्र इतनी ऊंची उड़ान भर रहा है.’