IIT Madras Instagram Video Row: IIT मद्रास प्रशासन ने अपने छात्रों को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में पोस्ट किए गए इंस्टाग्राम वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट को तुरंत हटाने का आधिकारिक निर्देश जारी किया है. संस्थान ने स्पष्ट किया है कि परिसर की शैक्षणिक तटस्थता, ब्रांड गरिमा और छात्र आचार संहिता का पालन करना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के विभिन्न प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) में छात्र समूह राष्ट्रीय मुद्दों और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ मुखर हो रहे हैं.
डीन और फैकल्टी की ओर से मिला निर्देश
आईआईटी मद्रास के एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संस्थान के डीन और फैकल्टी एडवाइजर ने छात्रों को विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल से जुड़ी पोस्ट हटाने को कहा. छात्रों को भेजे गए एक संदेश में लिखा गया, "हमे डीन की ओर से जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन से संबंधित पोस्ट हटाने के लिए कहा गया है. हमारे फैकल्टी एडवाइजर को भी बुलाया गया था. जिन छात्रों ने इस वीडियो में योगदान दिया था, उन्हें यह जानकारी देना जरूरी था."
IIT मद्रास के सोशल मीडिया नियम
IIT मद्रास के आईटी और सोशल मीडिया नियमों के अनुसार, कोई भी छात्र या पंजीकृत संस्था बिना पूर्व लिखित अनुमति के संस्थान के नाम, परिसर के दृश्य या आधिकारिक लोगो का उपयोग किसी भी राजनीतिक अथवा विरोध-प्रदर्शन से जुड़े अभियानों में नहीं कर सकती.
छात्रों की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की आजादी का तर्क
छात्र समूहों का तर्क है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण नागरिक और छात्र मांगों का समर्थन करना उनकी व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Article 19(1)(a)) के अंतर्गत आता है. हालांकि, प्रशासन का मानना है कि व्यक्तिगत विचारों को संस्थान के आधिकारिक रुख के रूप में प्रस्तुत करने से कैंपस का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है.
संस्थान के लिए साख का सवाल
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार शीर्ष स्थान बरकरार रखने वाले IIT मद्रास के लिए इस तरह के विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को प्रभावित कर सकते हैं. संस्थान का उद्देश्य अपने शैक्षणिक अनुसंधान और प्लेसमेंट ट्रैक रिकॉर्ड को राजनीतिक बहसों से दूर रखना है.
IIT Madras Instagram Video Row: IIT मद्रास प्रशासन ने अपने छात्रों को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में पोस्ट किए गए इंस्टाग्राम वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट को तुरंत हटाने का आधिकारिक निर्देश जारी किया है. संस्थान ने स्पष्ट किया है कि परिसर की शैक्षणिक तटस्थता, ब्रांड गरिमा और छात्र आचार संहिता का पालन करना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के विभिन्न प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) में छात्र समूह राष्ट्रीय मुद्दों और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ मुखर हो रहे हैं.
डीन और फैकल्टी की ओर से मिला निर्देश
आईआईटी मद्रास के एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संस्थान के डीन और फैकल्टी एडवाइजर ने छात्रों को विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल से जुड़ी पोस्ट हटाने को कहा. छात्रों को भेजे गए एक संदेश में लिखा गया, “हमे डीन की ओर से जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन से संबंधित पोस्ट हटाने के लिए कहा गया है. हमारे फैकल्टी एडवाइजर को भी बुलाया गया था. जिन छात्रों ने इस वीडियो में योगदान दिया था, उन्हें यह जानकारी देना जरूरी था.”
IIT मद्रास के सोशल मीडिया नियम
IIT मद्रास के आईटी और सोशल मीडिया नियमों के अनुसार, कोई भी छात्र या पंजीकृत संस्था बिना पूर्व लिखित अनुमति के संस्थान के नाम, परिसर के दृश्य या आधिकारिक लोगो का उपयोग किसी भी राजनीतिक अथवा विरोध-प्रदर्शन से जुड़े अभियानों में नहीं कर सकती.
छात्रों की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की आजादी का तर्क
छात्र समूहों का तर्क है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण नागरिक और छात्र मांगों का समर्थन करना उनकी व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Article 19(1)(a)) के अंतर्गत आता है. हालांकि, प्रशासन का मानना है कि व्यक्तिगत विचारों को संस्थान के आधिकारिक रुख के रूप में प्रस्तुत करने से कैंपस का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है.
संस्थान के लिए साख का सवाल
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में लगातार शीर्ष स्थान बरकरार रखने वाले IIT मद्रास के लिए इस तरह के विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को प्रभावित कर सकते हैं. संस्थान का उद्देश्य अपने शैक्षणिक अनुसंधान और प्लेसमेंट ट्रैक रिकॉर्ड को राजनीतिक बहसों से दूर रखना है.