NEET और अन्य परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में विपक्षी सांसद एक बार फिर एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए हैं. गुरुवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसके बाद सभी सांसद एक बस में सवार होकर तीस जनवरी मार्ग (गांधी स्मृति) के लिए रवाना हुए. विपक्षी नेताओं की बस जैसे ही आगे बढ़ी, पुलिस ने रास्ते में बसें और बैरिकेड्स लगाकर उनका मार्ग रोक दिया. करीब 10 मिनट तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन ने रास्ता खोला. राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के पहुंचने से पहले ही गांधी स्मृति के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था.
'इंडिया गेट रोका तो तीस जनवरी मार्ग की ओर बढ़े'
संसद भवन से बाहर निकलकर विरोध जता रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, "देश के हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए 'INDIA' गठबंधन के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी उनके समर्थन में सड़कों पर होना चाहिए. हम सभी विपक्षी सांसद इंडिया गेट जाना चाहते थे, लेकिन हमें वहां जाने से रोक दिया गया और रास्ता बंद कर दिया गया." राहुल गांधी ने आगे बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा इंडिया गेट जाने से रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति जाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से बापू को याद करने और छात्रों की आवाज बुलंद करने वहां जा रहा है.
ड्राइवर सीट के पास पहुंचीं प्रियंका, राहुल ने दिया संदेश
रास्ता रोके जाने के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी बस में ड्राइवर सीट के पास पहुंचीं और बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों व पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती नजर आईं. वहीं, बस के अंदर खड़े राहुल गांधी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा, "बस को यहीं खड़ा कर दिया गया है और हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, लेकिन देश के छात्रों तक हमारा मुख्य संदेश यही है कि हम हर कदम पर आपके साथ हैं.
'छात्रों के साथ खड़ा है पूरा विपक्ष'
विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि NEET परीक्षा में न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि जिन छात्रों ने इस पूरी धांधली के कारण आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया या जो छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए हैं, पूरा विपक्ष उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. सरकार को छात्रों की मांगें माननी ही होंगी.
पीएम हाउस मार्च के बाद दूसरा बड़ा प्रदर्शन
गौरतलब है कि इससे पहले 21 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन पर भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास (पीएम हाउस) तक मार्च किया था और वहां धरना दिया था. विपक्ष ने साफ कर दिया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा.
NEET और अन्य परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में विपक्षी सांसद एक बार फिर एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए हैं. गुरुवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसके बाद सभी सांसद एक बस में सवार होकर तीस जनवरी मार्ग (गांधी स्मृति) के लिए रवाना हुए. विपक्षी नेताओं की बस जैसे ही आगे बढ़ी, पुलिस ने रास्ते में बसें और बैरिकेड्स लगाकर उनका मार्ग रोक दिया. करीब 10 मिनट तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन ने रास्ता खोला. राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के पहुंचने से पहले ही गांधी स्मृति के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था.
‘इंडिया गेट रोका तो तीस जनवरी मार्ग की ओर बढ़े’
संसद भवन से बाहर निकलकर विरोध जता रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “देश के हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए ‘INDIA’ गठबंधन के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी उनके समर्थन में सड़कों पर होना चाहिए. हम सभी विपक्षी सांसद इंडिया गेट जाना चाहते थे, लेकिन हमें वहां जाने से रोक दिया गया और रास्ता बंद कर दिया गया.” राहुल गांधी ने आगे बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा इंडिया गेट जाने से रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति जाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से बापू को याद करने और छात्रों की आवाज बुलंद करने वहां जा रहा है.
ड्राइवर सीट के पास पहुंचीं प्रियंका, राहुल ने दिया संदेश
रास्ता रोके जाने के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी बस में ड्राइवर सीट के पास पहुंचीं और बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों व पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती नजर आईं. वहीं, बस के अंदर खड़े राहुल गांधी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “बस को यहीं खड़ा कर दिया गया है और हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, लेकिन देश के छात्रों तक हमारा मुख्य संदेश यही है कि हम हर कदम पर आपके साथ हैं.
‘छात्रों के साथ खड़ा है पूरा विपक्ष’
विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि NEET परीक्षा में न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि जिन छात्रों ने इस पूरी धांधली के कारण आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया या जो छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए हैं, पूरा विपक्ष उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. सरकार को छात्रों की मांगें माननी ही होंगी.
पीएम हाउस मार्च के बाद दूसरा बड़ा प्रदर्शन
गौरतलब है कि इससे पहले 21 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन पर भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास (पीएम हाउस) तक मार्च किया था और वहां धरना दिया था. विपक्ष ने साफ कर दिया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा.