भारतीय चुनाव आयोग (ECI) में CEC ज्ञानेश कुमार और फॉर्म-6 को लेकर छिड़ा विवाद थमा नहीं है. हालांकि नए वोट बनवाने के लिए जरूरी फॉर्म-6 में किए गए अतिरिक्त घोषणा वाले बदलाव को वापस ले लिया गया है. लेकिन चुनाव आयोग अभी भी विपक्ष के निशाने पर है और राहुल गांधी ने अब एक सवाल पूछकर चुनाव आयोग को फंसा दिया है? राहुल गांधी ने सवाल पूछा कि चुनाव आयोग में किसने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को फॉर्म-6 में बदलाव करने का आदेश दिया था? क्या TCS कंपनी पर फॉर्म-6 में बदलाव करने के लिए दबाव डाला गया था? क्योंकि यही कंपनी चुनाव आयोग के ECINet कोर डिजिटल बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर और पोर्टल मैनजमेंट का काम संभालती है.
INDIA ब्लॉक की चुनाव आयोग के घेराव की योजना
राहुल गांधी ने आज अपने X हैंडल पर पोस्ट लिख सवाल किया कि चुनाव आयोग में किसने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को फॉर्म-6 में बदलाव करने का आदेश दिया था? TCS में किसने फॉर्म-6 में बदलावों पर हस्ताक्षर किए? क्या बदलाव करने के लिए दबाव डाला गया था? चुनाव आयोग में मतभेद का खुलासा होते ही इंडिया ब्लॉक ने नई दिल्ली में बैठक बुलाई और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की रणनीति बनाई, जिसके अनुसार कांग्रेस और सभी विपक्षी दल 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर राष्ट्रव्यापी लोकतंत्र बचाओ मार्च का आयोजन करेंगे. 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयोग तक मार्च निकालेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करके विवाद में दखल देने की अपील करेंगे.
दोनों चुनाव आयुक्तों ने बदलावों पर आपत्ति जताई थी
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ऑनलाइन फॉर्म-6 में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मामले में उनसे न विचार-विमर्श किया और न ही उनकी सहमति ली. फॉर्म-6 में बदलाव करके जानकारी मांगी गई थी कि क्या आवेदक का नाम या उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछले SIR के बाद बनी वोटर लिस्ट में दर्ज था. इस बदलाव का विरोध करते हुए दोनों चुनाव आयुक्तों ने कहा था कि फॉर्म-6 में बदलाव करने का अधिकार चुनाव आयोग को नहीं है, बल्कि विधि मंत्रालय को बदलाव करने का सुझाव देने या उसे लागू करने का अधिकार है तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद-अधिकारों का दुरुपयोग किया.
चुनाव आयोग का नया आदेश 30 सितंबर से लागू हुआ
बता दें कि फॉर्म-6 में बदलावों पर विवाद होने के बाद चुनाव आयोग ने बदलाव के बाद ECINet पोर्टल पर बदलावों के साथ अपलोड फॉर्म-6 को हटाने का फैसला किया और यह आदेश तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 से लागू हो गया. वहीं अब उन राज्यों में फॉर्म-6 में मांगी गई नई जानकारी नहीं भरनी होगी, जहां SIR प्रक्रिया चल रही है. वहीं जहां SIR हो चुका है, वहां भी मांगी गई नई जानकारी पर अमल नहीं किया जाएगा. जिसने भरी ठीक है, जिसने नहीं भरी ठीक है.