World Breastfeeding Week 2026: बच्चे को दूध पिलाने वाली मां को क्या खाना चाहिए? मां-बच्चे दोनों को मिलेगा फायदा

Foods For Breastfeeding Mothers: स्तनपान कराने वाली मां की सेहत अच्छी रहती है तो बच्चे की सेहत भी दुरुस्त रहने लगती है. ऐसे में यहां जानिए वो कौन सी चीजें हैं जो स्तनपान कराने वाली मां खाए तो दूध तो बढ़ता ही है, साथ ही हेल्थ भी अच्छी रहती है.

Foods For Breastfeeding Mothers

स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए कौन सा खाना सबसे अच्छा है?

World Breastfeeding Week 2026: हर साल अगस्त के पहले हफ्ते में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है. इस सप्ताह को मनाने में विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और स्वास्थ मंत्रालय साथ आते हैं और कोशिश करते हैं कि स्तनपान को लेकर नई मांओं को जागरूक किया जा सके और मां-बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर रहे यह सुनिश्चित किया जा सके. स्तनपान कराने वाली मां (Breastfeeding Mother) की बात करें तो उसे अपने खानपान का खासतौर से खयाल रखने की जरूरत होती है. डाइट अच्छी रहे तो इससे दूध ज्यादा बनता है और हेल्दी होता है जिससे बच्चे की सेहत भी अच्छी रहती है. ऐसे में यहां जानिए वो कौन से फूड्स हैं जो स्तनपान कराने वाली मां का दूध बढ़ाने में मदद करते हैं और सेहत को भी अच्छा रखते हैं.

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स्तनपान कराने वाली मां को क्या खाना चाहिए

  • स्तनपान कराने वाली महिला को अपनी डाइट में प्रोटीन (Protein) को शामिल करना चाहिए. अंडे, डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, बींस और सूखे मेवे वगैरह खाने पर फायदा मिलता है.
  • सब्जियों में हरी पत्तेदार सब्जियां और पीले रंग की सब्जियां जरूर खानी चाहिए. रोजाना फल भी खाने चाहिए.
  • पूर्ण अनाज को अपनी डाइट में शामिल करें. ओटमील और व्हीट ब्रेड खाए जा सकते हैं.
  • स्तनपान कराने वाली मां को दूध बढ़ाने के लिए दालों को खानपान का हिस्सा बनाना चाहिए. इसके अलावा सब्जी में या किसी और तरह से थोड़े पीले मेथी के दाने को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए.
  • दूध पिएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, सूप पिएं और बीज जैसे तिल और अलसी के बीजों को अपने खानपान का हिस्सा बनाएं.

ज्यादा दूध ना आने की क्या वजह हो सकती है

स्तनपान करवाने वाली कई मां इस चिंता में रहती हैं कि उनका दूध बच्चे के लिए पर्याप्त नहीं है. ऐसे में लो मिल्क सप्लाई के ये कारण हो सकते हैं –

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इफेक्टिव मिल्क रिमूवल ना होना – अगर बच्चा ज्यादा दूध नहीं पीता है और मां के स्तन खाली नहीं होते हैं तो शरीर दूध बनाना कम कर देता है. ऐसा बच्चे के कम दूध पीने पर, बच्चे के ठीक तरह से दूध ना पीने पर या लंबे समय तक बच्चे को दूध ना पिलाने पर होता है.

फीडिंग पॉजीशन का ठीक ना होना – अगर बच्चे की फीडिंग पॉजीशन ठीक नहीं है या बच्चा दूध पीते समय जल्दी थककर हट जाता है तो इससे स्तनों में दूध रह सकता है जिस कारण और ज्यादा दूध नहीं बनता.

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देरी से स्तनपान कराना – अगर बच्चे को जन्म देने के बाद मां लंबे समय तक बच्चे को स्तनपान नहीं कराती है तो इससे नेचुरली मिल्क आने में देरी हो सकती है या दूध कम आता है. ऐसे में मिल्क फ्लो (Milk Flow) बेहतर बनाने में मां और बच्चे का स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट मदद कर सकता है.

हॉर्मोनल और मेडिकल दिक्कतें – पीसीओएस या थायराइड इंबैलेंस जैसी दिक्कतों के कारण मां को स्तनपान कराने में दिक्कत आ सकती है या दूध आने में दिक्कत होती है.

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तनाव और कमजोरी – अगर स्तनपान कराने वाली मां तनाव में रहती है या उसे कमजोरी महसूस होती है तो इससे भी मिल्क सप्लाई पर असर पड़ता है.

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 अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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