बार-बार टॉन्सिल की समस्या होना क्या नॉर्मल है? एक्सपर्ट से जानिए कब बन सकती है सर्जरी की जरूरत 

Tonsils Reasons: अगर आपको या आपके बच्चे को बार-बार टॉन्सिल की समस्या हो रही है तो किसी ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है. सही समय पर जांच से सर्जरी से बचा जा सकता है. 

Tonsil kitne din me thik hota hai

बार-बार टॉन्सिल की समस्या होना क्या नॉर्मल है? Image Credit- Freepik

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Tonsils Reasons: टॉन्सिल गले के दोनों तरफ मौजूद छोटे ऊतक होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. हालांकि, कुछ लोगों को बार-बार टॉन्सिल में सूजन और संक्रमण की समस्या होती है, जिससे गले में दर्द, बुखार और निगलने में परेशानी जैसी दिक्कत होने लगती हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या टॉन्सिल हटाने की सर्जरी करानी चाहिए. इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर राजेश भारद्वाज (कंसल्टेंट, मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर) का कहना है कि टॉन्सिल में संक्रमण आमतौर पर वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है. इसलिए वक्त पर ध्यान देने की खास जरूरत है. 

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कब करना चाहिए सर्जरी पर विचार 

ज्यादातर मामलों में दवाओं और आराम से यह समस्या ठीक हो जाती है, लेकिन जब संक्रमण बार-बार होने लगे और व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तब डॉक्टर सर्जरी पर विचार कर सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति को एक साल में कई बार टॉन्सिलाइटिस हो रहा है या लगातार कई सालों तक बार-बार संक्रमण की शिकायत बनी रहती है तो टॉन्सिल हटाने की सर्जरी यानी टॉन्सिल्लेक्टोमी की सलाह दी जा सकती है. 

अगर ये लक्षण आए नजर 

टॉन्सिल इतने बड़े हो जाएं कि सांस लेने, सोने या खाना निगलने में परेशानी होने लगे तब भी सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, कुछ मामलों में टॉन्सिल के कारण बार-बार गले में मवाद बनना, टॉन्सिल के आसपास फोड़ा (एब्सेस) होना या एंटीबायोटिक दवाओं से भी आराम न मिलना सर्जरी का कारण बन सकता है. 

बच्चों में बड़े टॉन्सिल के कारण

बच्चों में बड़े टॉन्सिल के कारण खर्राटे आना या स्लीप एपनिया जैसी समस्या होने पर भी डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह दे सकते हैं. हालांकि, हर बार टॉन्सिल की समस्या होने का मतलब यह नहीं है कि सर्जरी जरूरी है. डॉक्टर मरीज की उम्र, संक्रमण की गंभीरता, बार-बार होने की आवृत्ति और उसके स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखकर फैसला लेते हैं. इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के सर्जरी का निर्णय नहीं लेना चाहिए. 

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अगर आपको या आपके बच्चे को बार-बार टॉन्सिल की समस्या हो रही है तो किसी ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है. सही समय पर जांच और उपचार से जटिलताओं से बचा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर सर्जरी का निर्णय भी आसानी से लिया जा सकता है.

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Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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