खाना निगलने में दिक्कत, कुछ अटका हुआ महसूस होना, डॉक्टर ने बताया गले में कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं

Throat Cancer Signs: गले के कैंसर के लक्षण गले में खराश और गले दर्द जैसी दिक्कतों जैसे लग सकते हैं, लेकिन इन्हें सामान्य समझकर इग्नोर कर देना व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. यहां जानिए 2 हफ्तों से ज्यादा किन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए.

Throat Cancer Signs

स्टेज 1 अर्ली थ्रोट कैंसर क्या है?

Throat Cancer Symptoms: गले का कैंसर तब होता है जब कैंसर की एब्नॉर्मल सेल्स गले की नलियों, वॉयस बॉक्स, टॉन्सिल्स या गले के अन्य हिस्सों में पनपने लगती हैं. यही कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले लेती हैं और बढ़ने लगती हैं. ऐसे में गले के कैंसर को बढ़ने से रोकने के लिए इसे शुरुआती स्टेज में पहचानना जरूरी होता है. इसी बारे में बता रहे हैं मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट हेड और नाक, कान, गले के स्पेशलिस्ट यानी ENT स्पेशलिस्ट डॉ. रवि मेहर. आइए डॉ. रवि मेहर से ही जानें गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं और किन लोगों में इस कैंसर के होने की संभावना ज्यादा होती है.

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गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण

  • गले के कैंसर के शुरुआती लक्षणों में कई बार मरीज को ऐसा लगता है कि उसके गले में खराश है
  • महसूस होता है जैसे गले में कुछ अटका हुआ है
  • गले में दर्द हो सकता है
  • धीरे-धीरे जब बीमारी बढ़ती है तो आवाज में भारीपन या आवाज में बदलाव महसूस हो सकता है
  • शुरुआती स्टेज में खाना खाने में दिक्कत हो सकती है
  • खाना निगलने में दिक्कत आती है
  • कई बार खांसी आती है और खांसी बहुत दिनों तक होती है
  • अगर खांसी लंबे समय से आ रही है और खांसी के साथ ही खून (Blood In Cough) आ रहा है तो यह गले के कैंसर का लक्षण हो सकता है
  • गले के कैंसर में कई बार देखा जाता है कि बिना किसी वजह मरीज का वजन कम होने लगता है.

गले के कैंसर में कान में दिक्कत

डॉ. रवि मेहर बताते हैं कि गले के कैंसर में कान में भी दर्द हो सकता है. मरीजों के कान नॉर्मल होते हैं लेकिन कान में दर्द इसलिए होता है क्योंकि गले और कान की नस का एक ही ऑरिजिन होता है. ऐसे में गले के कैंसर में कान में भी दर्द महसूस हो सकता है.

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सांस लेने में दिक्कत

गले का कैंसर जब ज्यादा बढ़ जाता है तो सांस की नली में रुकावट आने लगती है जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है, कई बार सांस अटक जाती है, सांस मुश्किल से आती है और ऐसा लगता है जैसे मरीज का दम घुट रहा है. हालांकि, सांस लेने में दिक्कत आना कैंसर की एडवांस स्टेज में देखा जाता है.

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2 हफ्तों तक दिखें ये लक्षण तो कभी ना करें इग्नोर

अगर व्यक्ति को 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक आवाज में बदलाव (Voice Change) महसूस होता है, गले में खराश और दर्द है, खाना निगलने में दिक्कत आ रही है तो इन लक्षणों को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए और ENT सर्जन को दिखाना चाहिए.

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किन लोगों को है ज्यादा खतरा

डॉक्टर बताते हैं कि गले में कैंसर का खतरा ज्यादातर पुरुषों में होता है. यह उन लोगों को ज्यादा होता है जो धूम्रपान करते हैं या एल्कोहल का सेवन करते हैं. इन दोनों ही चीजों से गले का कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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