क्या सांस फूलना फेफड़ों के कैंसर का लक्षण है? WHO के अनुसार Lung Cancer के 7 संकेत कौन से हैं, जानिए यहां

Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan: फेफड़ों का कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण शुरुआती स्टेज में आम दिक्कतों जैसे ही लगते हैं और व्यक्ति इन्हें इग्नोर करता चला जाता है. लेकिन, इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो ट्यूमर को बढ़ने से रोका जा सकता है.

Lung Cancer Symptoms

कैसे पता चलेगा कि फेफड़ों में कैंसर है?

Lung Cancer Symptoms: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर साल 2022 में दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे बड़ा कारण रहा. फेफड़ों का कैंसर आमतौर पर तब पकड़ में आता है जब कैंसर की स्टेज एडवांस हो जाती है. ऐसे में कैंसर के खतरे में आने वाले लोगों की समय रहते स्क्रीनिंग कर ली जाए तो इसे शुरुआती स्टेज (Early Stage Lung Cancer) में ही पहचाना जा सकता है और स्क्रीनिंग शुरू हो सकती है. WHO के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण (Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan) कैसे दिखते हैं, इससे किन्हें ज्यादा खतरा है और किस तरह जांच और इलाज हो सकता है, जानिए यहां.

विज्ञापन
विज्ञापन

फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

  • खांसी होती है जो ठीक नहीं होती
  • छाती में दर्द महसूस होता है
  • सांस फूलने लगती है
  • खांसते हुए खून आता है
  • शरीर में थकान रहने लगती है
  • बिना किसी कारण वजन कम होने लगता है
  • फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है जो बार-बार लौट आता है.

किन लोगों को है ज्यादा खतरा

फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है तंबाकू का सेवन, चाहे वह सिगरेट के जरिए हो, सिगार के जरिए या किसी पाइप के जरिए. इसके अलावा, सैकंडहैंड स्मोक यानी किसी और के सिगरेट पीने पर आपका उस धुएं के संपर्क में आना, बाहरी या घर के अंदर का वायु प्रदूषण, काम के कारण प्रदूषित हवा या केमिकल के संपर्क में आना जैसे सिलिका या डीजल, किसी तरह की लंबी चली आने वाली फेफड़ों की बीमारी या जेनेटिक्स के चलते भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है.

विज्ञापन

कैसे होती है जांच

अगर फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती स्टेज में ही जांच कर ली जाए तो कैंसर को कई हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. जांच के लिए स्क्रीनिंग करवाई जा सकती है. जिन लोगों को कैंसर का रिस्क हाई होता है, जो लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं उन्हें खासकर स्क्रीनिंग करानी चाहिए.

विज्ञापन

कैंसर की जांच के लिए फिजिकल टेस्ट किया जा सकता है, इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्सरे, कम्यूटेड स्कैन और मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग हो सकती है. ब्रोंकोस्कोपी, टिशू सैंपल टेस्ट और मोलिक्यूल टेस्टिंग हो सकती है.

फेफड़ों के कैंसर का इलाज

विज्ञापन

फेफड़ों के कैंसर के इलाज में मरीज के कैंसर का प्रकार, स्टेज (Lung Cancer Stage), मोलिक्यूल प्रोफाइल और हेल्थ स्टेटस देखा जाता है. इलाज में सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी दी जाती है. सपोर्टिव केयर, लक्षणों को मैनेज करना, दर्द से छुटकारा, लाइफ क्वालिटी बेहतर करना और हर स्टेज में मरीज का ध्यान रखना भी ट्रीटमेंट का हिस्सा है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ