इंसुलिन रेजिस्टेंस को कैसे पहचानें? डॉक्टर ने बताया Insulin Resistance में शरीर पर दिखते हैं ये 2 लक्षण

Insulin Resistance Signs: इंसुलिन रेजिस्टेंस में शरीर इंसुलिन से उस तरह रिस्पोंड नहीं करता जिस तरह उसे करना चाहिए. ऐसे में ब्लड शुगर लेवल्स जरूरत से ज्यादा बढ़ जाते हैं. यहां जानिए इंसुलिन रेजिस्टेंस होने के लक्षण वक्त रहते किस तरह पहचाने जा सकते हैं.

Insulin Resistance Sign

इंसुलिन रेजिस्टेंस को इस तरह पहचाना जा सकता है. Image Credit - AI

Insulin Resistance: इंसुलिन एक तरह का हार्मोन है जो ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्यूलेट करता है. जब शरीर इंसुलिन से सही तरह से रिस्पोंड नहीं करता तो ब्लड ग्लूकोज लेवल्स या ब्लड शुगर लेवल्स (Blood Sugar Levels) बढ़ने लगते हैं. जब हम कुछ खाते हैं तो खाना शुगर में ब्रेक होता है और यह शुगर खून में सर्कुलेट होने लगती है. खून में शुगर बढ़ने पर पैनक्रियाज इंसुलिन रिलीज करता है और इंसुलिन शुगर को बॉडी की बाकी सेल्स तक पहुंचाता है जिससे शुगर का इस्तेमाल सेल्स एनर्जी के लिए करती हैं. इससे शुगर लेवल्स कंट्रोल में आ जाते हैं. लेकिन, इंसुलिन रेजिस्टेंस में इंसुलिन ठीक तरह से काम नहीं कर पाता और शुगर लेवल जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसे में इंसुलिन रेजिस्टेंस को समय रहते पहचानना जरूरी है. AIIMS से ट्रेंड न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि किन 2 लक्षणों से पहचाना जा सकता है कि शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस हो रहा है.

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इंसुलिन रेजिस्टेंस के साइन | Signs Of Insulin Resistance

गर्दन पर निशान – डॉक्टर ने बताया कि इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर गर्दन पर निशान नजर आने लगते हैं. इसे एकैंथोसिस नाइग्रिकैंस कहते हैं. इससे गर्दन पर काले रंग (Dark Neck) के निशान या लकीरें दिखती हैं. यह इंसुलिन रेजिस्टेंस पहचानने का एक स्ट्रोंग साइन है.

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मेटाबॉलिक सिंड्रोम – अगर आपको हाई बीपी, ट्राइग्लाइसेराइड्स, हाई शुगर, एचडीएल कम होना या कमर के फैलने जैसी दिक्कतों में से अगर कोई 3 दिक्कतें भी हो रही हैं तो आपको मेटाबॉलिक सिंड्रोम हो सकता है. ये मेटाबॉलिक सिंड्रोम इंसुलिन रेजिस्टेंस का साइन हो सकता है.

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इंसुलिन रेजिस्टेंस ना हो इसके लिए क्या करें

शरीर को हिलाते-डुलाते रहना जरूरी है. रोजाना एक्सरसाइज की जाए तो इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस नहीं होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस हो रहा है तो यह कम होने लगता है. कम से कम रोज 30 मिनट एरोबिक्स करें.

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  • आप रोजना वॉक कर सकते हैं.
  • एरोबिक्स करें, जॉगिंग करें और रनिंग करें.
  • रोज स्विमिंग की जा सकती है.
  • जुम्बा भी किया जा सकता है.
  • ट्रेडमिल पर चलें या साइक्लिंग करें.

खानपान का ध्यान रखना भी है जरूरी

इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने के लिए अपने खानपान का खास ख्याल रखें. डाइट में नॉन-स्टार्ची फूड्स को शामिल करें, फल खाएं, पूर्ण अनाज खाएं क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा भरपूर होती है और लीन प्रोटीन का सेवन करें जिससे ब्लड शुगर लेवल कम होने में मदद मिलती है.

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इन बातों का भी रखें ध्यान

बढ़े हुए वजन को कम करने, स्ट्रेस को मैनेज करने यानी तनाव कम करने और पूरी नींद लेने पर इंसुलिन रेजिस्टंस कम हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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