फैटी लिवर ग्रेड 1 में दूध पीना चाहिए या नहीं? डाइटिशियन ने बताया दूध पीने से क्या होगा
Milk In Fatty Liver: लिवर फैटी होने के बाद अपनी डाइट पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है. इसलिए डाइटिशियन के बताए टिप्स पर जरूर ध्यान दें.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jun 12, 2026 09:36
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किस तरह का दूध पीना चाहिए?
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Fatty Liver Food: फैटी लिवर की समस्या होने पर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या दूध पीना अच्छा है या नहीं. हालांकि, कई चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन करना परेशानी पैदा कर सकता है. इसलिए पीएसआरआई हॉस्पिटल, दिल्ली की कंसल्टेंट डाइटिशियन डॉक्टर शालिनी ब्लिस सलाह देती हैं कि फैटी लिवर में दूध पीने से इसपर बोझ पड़ सकता है. वहीं, कई विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर के मरीज दूध का सेवन कर सकते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का दूध और कितनी मात्रा में ले रहे हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कैसे दूध का सेवन किया जा सकता है.
फैटी लिवर में लो-फैट या स्किम्ड दूध को बेहतर विकल्प माना जाता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जबकि सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है. इससे शरीर को पोषण मिलता है और अतिरिक्त कैलोरी का सेवन भी नियंत्रित रहता है.
फुल-फैट दूध का सेवन कैसे करें?
फुल-फैट दूध या ज्यादा मलाई वाला दूध कुछ लोगों में अतिरिक्त कैलोरी और वसा का स्रोत बन सकता है. अगर किसी का वजन अधिक है या उसे मोटापे की समस्या है, तो डॉक्टर कम वसा वाले डेयरी उत्पाद चुनने की सलाह दे सकते हैं.
क्या दूध पीने से फैटी लिवर ठीक होता है?
कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, केवल दूध पीने से फैटी लिवर ठीक नहीं होता. इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी लाइफस्टाइल होनी चाहिए.
कब नहीं करना चाहिए दूध का सेवन?
अगर दूध पीने के बाद पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी परेशानी होती है तो यह लैक्टोज का एक संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ऑप्शन चुने जा सकते हैं.
Fatty Liver Food: फैटी लिवर की समस्या होने पर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या दूध पीना अच्छा है या नहीं. हालांकि, कई चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन करना परेशानी पैदा कर सकता है. इसलिए पीएसआरआई हॉस्पिटल, दिल्ली की कंसल्टेंट डाइटिशियन डॉक्टर शालिनी ब्लिस सलाह देती हैं कि फैटी लिवर में दूध पीने से इसपर बोझ पड़ सकता है. वहीं, कई विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर के मरीज दूध का सेवन कर सकते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का दूध और कितनी मात्रा में ले रहे हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कैसे दूध का सेवन किया जा सकता है.
फैटी लिवर में लो-फैट या स्किम्ड दूध को बेहतर विकल्प माना जाता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जबकि सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है. इससे शरीर को पोषण मिलता है और अतिरिक्त कैलोरी का सेवन भी नियंत्रित रहता है.
फुल-फैट दूध का सेवन कैसे करें?
फुल-फैट दूध या ज्यादा मलाई वाला दूध कुछ लोगों में अतिरिक्त कैलोरी और वसा का स्रोत बन सकता है. अगर किसी का वजन अधिक है या उसे मोटापे की समस्या है, तो डॉक्टर कम वसा वाले डेयरी उत्पाद चुनने की सलाह दे सकते हैं.
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क्या दूध पीने से फैटी लिवर ठीक होता है?
कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, केवल दूध पीने से फैटी लिवर ठीक नहीं होता. इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी लाइफस्टाइल होनी चाहिए.
कब नहीं करना चाहिए दूध का सेवन?
अगर दूध पीने के बाद पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी परेशानी होती है तो यह लैक्टोज का एक संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ऑप्शन चुने जा सकते हैं.