Epilepsy Attack Myth: मिर्गी का दौरा पड़ने पर मोजे व जूते क्यों सुंघाए जाते हैं? जानिए क्या सच में साइंस में लिखा है ऐसा कोई इलाज
Mirgi Ke Daure Ka Sahi Ilaj: आपने अक्सर लोगों को बोलते हुए सुना होगा कि जब भी किसी को मिर्गी के दौरे आए, तो उसे तुरंत मोजे व जूते सुंघाना चाहिए. ऐसे में लोग बिना सोचे समझे उन दावों को सच मानकर मरीज के साथ ऐसा करने लगते हैं. हालांकि, मेडिकल साइंस इस दावे को लेकर क्या कहती है, उसे जानने के बाद आपके होश उड़ जाएंगे.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 13, 2026 19:22
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 13, 2026 19:22
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मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करना चाहिए? (Image: AI)
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आज भी जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो आसपास मौजूद लोग अक्सर उसे जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने की कोशिश करते हैं. कई जगहों पर यह मान्यता इतनी मजबूत है कि लोग इसे सबसे पहले उपचार का हिस्सा समझ लेते हैं. आपने अक्सर लोगों को आम बोलचाल में भी कहते सुना होगा कि मिर्गी के दौरे का सबसे अच्छा इलाज जूते या मोजे सुंघाना है, लेकिन हकीकत में साइंस इन दावों को कितना सच मानता है इसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते हैं. इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे, जिसे जानने के बाद यकीनन आपके पैरों तले जमीन खीसक जाएगी.
आखिर मोजे या जूते सुंघाने की परंपरा कहां से आई? Mirgi Ke Daure Kiu Aate hein
लंबे समय से लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि तेज गंध वाले जूते या मोजे सुंघाने से मिर्गी का दौरा रुक जाता है और मरीज को होश आ जाता है. लेकिन इस दावे को लेकर मेडिकल साइंस बताती हैं कि मिर्गी का अधिकांश दौरा कुछ सेकंड से लेकर एक-दो मिनट के भीतर अपने आप समाप्त हो जाता है. इसी दौरान अगर किसी ने मरीज को जूता या मोजा सुंघा दिया और वह सामान्य हो गया, तो लोग इसे उसी का असर मान लेते हैं. हालांकि, हकीकत में मरीज का सामान्य होना दौरे के प्राकृतिक रूप से खत्म होने की प्रक्रिया का हिस्सा होता है, न कि जूते या मोजे की गंध का परिणाम यानी मतलब साफ है कि मिर्गी के इलाज से कोई जूता सूंघने व सुंघाने का कोई सीधा संबंध नहीं है. ऐसे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि मरीज को समय पर उचित सहायता मिल सके और स्थिति को काबू में लिया जा सके.
मिर्गी का दौरा क्यों पड़ता है और इसके लक्षण क्या हैं?
मिर्गी तब होती है जब दिमाग की कोशिकाएं अचानक जरूरत से ज्यादा विद्युत संकेत भेजने लगती हैं. इसके पीछे सिर में गंभीर चोट, संक्रमण, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, ऑक्सीजन की कमी, ब्लड शुगर में असामान्यता या आनुवंशिक कारण हो सकते हैं. इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं, जैसे आमतौर पर मरीज अचानक बेहोश हो सकता है, हाथ-पैरों में तेज झटके आ सकते हैं, शरीर अकड़ सकता है, मुंह से झाग निकल सकता है या कुछ सेकंड तक एक दिशा में देखने लग सकता है. हालांकि, दौरा खत्म होने के बाद व्यक्ति को कमजोरी, भ्रम या थकान भी महसूस हो सकती है, लेकिन उसे वक्त रहते डॉक्टर द्वारा इलाज की बेहद जरूरत होती है.
मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें? Mirgi Ka Daura Padne Par Turant Kya Kare
मरीज को सुरक्षित स्थान पर एक करवट लिटाएं, ताकि सांस लेने में परेशानी न हो.
उसके आसपास मौजूद नुकीली, भारी या खतरनाक वस्तुओं को तुरंत हटा दें, ताकि हलचल में वह चोटिल न हो जाए.
गर्दन और छाती के आसपास के तंग कपड़ों को ढीला कर दें.
दौरे का समय नोट करें और ध्यान रखें कि यह कितनी देर तक चला.
अगर दौरा 5 मिनट से ज्यादा समय तक जारी रहे, तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें.
मरीज के मुंह में चम्मच, पानी, दवा या कोई अन्य वस्तु डालने की कोशिश न करें.
जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने जैसे घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें या डॉक्टर के पास ले जाएं.
याद रखें आपके द्वारा एक गलत घरेलू उपाय स्थिति को बिगाड़ सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
आज भी जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो आसपास मौजूद लोग अक्सर उसे जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने की कोशिश करते हैं. कई जगहों पर यह मान्यता इतनी मजबूत है कि लोग इसे सबसे पहले उपचार का हिस्सा समझ लेते हैं. आपने अक्सर लोगों को आम बोलचाल में भी कहते सुना होगा कि मिर्गी के दौरे का सबसे अच्छा इलाज जूते या मोजे सुंघाना है, लेकिन हकीकत में साइंस इन दावों को कितना सच मानता है इसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते हैं. इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे, जिसे जानने के बाद यकीनन आपके पैरों तले जमीन खीसक जाएगी.
आखिर मोजे या जूते सुंघाने की परंपरा कहां से आई? Mirgi Ke Daure Kiu Aate hein
लंबे समय से लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि तेज गंध वाले जूते या मोजे सुंघाने से मिर्गी का दौरा रुक जाता है और मरीज को होश आ जाता है. लेकिन इस दावे को लेकर मेडिकल साइंस बताती हैं कि मिर्गी का अधिकांश दौरा कुछ सेकंड से लेकर एक-दो मिनट के भीतर अपने आप समाप्त हो जाता है. इसी दौरान अगर किसी ने मरीज को जूता या मोजा सुंघा दिया और वह सामान्य हो गया, तो लोग इसे उसी का असर मान लेते हैं. हालांकि, हकीकत में मरीज का सामान्य होना दौरे के प्राकृतिक रूप से खत्म होने की प्रक्रिया का हिस्सा होता है, न कि जूते या मोजे की गंध का परिणाम यानी मतलब साफ है कि मिर्गी के इलाज से कोई जूता सूंघने व सुंघाने का कोई सीधा संबंध नहीं है. ऐसे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि मरीज को समय पर उचित सहायता मिल सके और स्थिति को काबू में लिया जा सके.
मिर्गी का दौरा क्यों पड़ता है और इसके लक्षण क्या हैं?
मिर्गी तब होती है जब दिमाग की कोशिकाएं अचानक जरूरत से ज्यादा विद्युत संकेत भेजने लगती हैं. इसके पीछे सिर में गंभीर चोट, संक्रमण, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, ऑक्सीजन की कमी, ब्लड शुगर में असामान्यता या आनुवंशिक कारण हो सकते हैं. इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं, जैसे आमतौर पर मरीज अचानक बेहोश हो सकता है, हाथ-पैरों में तेज झटके आ सकते हैं, शरीर अकड़ सकता है, मुंह से झाग निकल सकता है या कुछ सेकंड तक एक दिशा में देखने लग सकता है. हालांकि, दौरा खत्म होने के बाद व्यक्ति को कमजोरी, भ्रम या थकान भी महसूस हो सकती है, लेकिन उसे वक्त रहते डॉक्टर द्वारा इलाज की बेहद जरूरत होती है.
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मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें? Mirgi Ka Daura Padne Par Turant Kya Kare
मरीज को सुरक्षित स्थान पर एक करवट लिटाएं, ताकि सांस लेने में परेशानी न हो.
उसके आसपास मौजूद नुकीली, भारी या खतरनाक वस्तुओं को तुरंत हटा दें, ताकि हलचल में वह चोटिल न हो जाए.
गर्दन और छाती के आसपास के तंग कपड़ों को ढीला कर दें.
दौरे का समय नोट करें और ध्यान रखें कि यह कितनी देर तक चला.
अगर दौरा 5 मिनट से ज्यादा समय तक जारी रहे, तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें.
मरीज के मुंह में चम्मच, पानी, दवा या कोई अन्य वस्तु डालने की कोशिश न करें.
जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने जैसे घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें या डॉक्टर के पास ले जाएं.
याद रखें आपके द्वारा एक गलत घरेलू उपाय स्थिति को बिगाड़ सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.