Epilepsy Attack Myth: मिर्गी का दौरा पड़ने पर मोजे व जूते क्यों सुंघाए जाते हैं? जानिए क्या सच में साइंस में लिखा है ऐसा कोई इलाज

Mirgi Ke Daure Ka Sahi Ilaj: आपने अक्सर लोगों को बोलते हुए सुना होगा कि जब भी किसी को मिर्गी के दौरे आए, तो उसे तुरंत मोजे व जूते सुंघाना चाहिए. ऐसे में लोग बिना सोचे समझे उन दावों को सच मानकर मरीज के साथ ऐसा करने लगते हैं. हालांकि, मेडिकल साइंस इस दावे को लेकर क्या कहती है, उसे जानने के बाद आपके होश उड़ जाएंगे.

Mirgi Ke Daure Ka Sahi Ilaj

मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करना चाहिए? (Image: AI)

आज भी जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो आसपास मौजूद लोग अक्सर उसे जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने की कोशिश करते हैं. कई जगहों पर यह मान्यता इतनी मजबूत है कि लोग इसे सबसे पहले उपचार का हिस्सा समझ लेते हैं. आपने अक्सर लोगों को आम बोलचाल में भी कहते सुना होगा कि मिर्गी के दौरे का सबसे अच्छा इलाज जूते या मोजे सुंघाना है, लेकिन हकीकत में साइंस इन दावों को कितना सच मानता है इसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते हैं. इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब देंगे, जिसे जानने के बाद यकीनन आपके पैरों तले जमीन खीसक जाएगी.

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आखिर मोजे या जूते सुंघाने की परंपरा कहां से आई? Mirgi Ke Daure Kiu Aate hein

लंबे समय से लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि तेज गंध वाले जूते या मोजे सुंघाने से मिर्गी का दौरा रुक जाता है और मरीज को होश आ जाता है. लेकिन इस दावे को लेकर मेडिकल साइंस बताती हैं कि मिर्गी का अधिकांश दौरा कुछ सेकंड से लेकर एक-दो मिनट के भीतर अपने आप समाप्त हो जाता है. इसी दौरान अगर किसी ने मरीज को जूता या मोजा सुंघा दिया और वह सामान्य हो गया, तो लोग इसे उसी का असर मान लेते हैं. हालांकि, हकीकत में मरीज का सामान्य होना दौरे के प्राकृतिक रूप से खत्म होने की प्रक्रिया का हिस्सा होता है, न कि जूते या मोजे की गंध का परिणाम यानी मतलब साफ है कि मिर्गी के इलाज से कोई जूता सूंघने व सुंघाने का कोई सीधा संबंध नहीं है. ऐसे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि मरीज को समय पर उचित सहायता मिल सके और स्थिति को काबू में लिया जा सके.

मिर्गी का दौरा क्यों पड़ता है और इसके लक्षण क्या हैं?

मिर्गी तब होती है जब दिमाग की कोशिकाएं अचानक जरूरत से ज्यादा विद्युत संकेत भेजने लगती हैं. इसके पीछे सिर में गंभीर चोट, संक्रमण, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, ऑक्सीजन की कमी, ब्लड शुगर में असामान्यता या आनुवंशिक कारण हो सकते हैं. इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं, जैसे आमतौर पर मरीज अचानक बेहोश हो सकता है, हाथ-पैरों में तेज झटके आ सकते हैं, शरीर अकड़ सकता है, मुंह से झाग निकल सकता है या कुछ सेकंड तक एक दिशा में देखने लग सकता है. हालांकि, दौरा खत्म होने के बाद व्यक्ति को कमजोरी, भ्रम या थकान भी महसूस हो सकती है, लेकिन उसे वक्त रहते डॉक्टर द्वारा इलाज की बेहद जरूरत होती है.

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मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें? Mirgi Ka Daura Padne Par Turant Kya Kare

  • मरीज को सुरक्षित स्थान पर एक करवट लिटाएं, ताकि सांस लेने में परेशानी न हो.
  • उसके आसपास मौजूद नुकीली, भारी या खतरनाक वस्तुओं को तुरंत हटा दें, ताकि हलचल में वह चोटिल न हो जाए.
  • गर्दन और छाती के आसपास के तंग कपड़ों को ढीला कर दें.
  • दौरे का समय नोट करें और ध्यान रखें कि यह कितनी देर तक चला.
  • अगर दौरा 5 मिनट से ज्यादा समय तक जारी रहे, तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें.
  • मरीज के मुंह में चम्मच, पानी, दवा या कोई अन्य वस्तु डालने की कोशिश न करें.
  • जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने जैसे घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें या डॉक्टर के पास ले जाएं.
  • याद रखें आपके द्वारा एक गलत घरेलू उपाय स्थिति को बिगाड़ सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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