Pregnancy Symptoms: प्रेग्नेंट होने पर पीरियड मिस (Period Miss) होता है और पीरियड मिस होने के बाद ही महिला टेस्ट करके देखती है कि वह सचमुच प्रेग्नेंट है या नहीं. लेकिन, क्या आप जानती हैं पीरियड मिस होने के अलावा भी शरीर ऐसे कई संकेत देने लगता है जो बताते हैं कि शायद आप मां बनने वाली हैं. खासकर प्रेग्नेंट (Pregnant) होने के पहले हफ्ते से पहले महीने के बीच में शरीर पर ये लक्षण नजर आने लगते हैं. इन लक्षणों से भी पता चल सकता है कि आप मां बनने वाली हैं या नहीं. यहां जानिए पीरियड मिस होने के अलावा वो कौन से 5 लक्षण हैं जो बताते हैं कि शायद आप मां बनने वाली हैं.
यह भी पढ़ें - आंखों का पूरी तरह ना खुलना कौन सी बीमारी है? जानिए कैसे पहचानें इसके शुरुआती लक्षण
प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण
हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग - पीरियड्स ना होना और हल्की ब्लीडिंग या खून के धब्बे दिखना फर्टिलाइजेशन के 5 से 14 दिनों के भीतर होता है. इसे इंप्लांटेशन ब्लीडिंग कहते हैं. यह खून हल्के रंग का होता है और पीरियड्स से अलग नजर आता है.
स्तन में बदलाव - महिलाओं को स्तन में बदलाव नजर आने लगते हैं. स्तन टेंडर हो जाते हैं, सूजे हुए दिखते हैं और उनमें दर्द होता है. निपल का बढ़ना या फिर रंग गहरा हो जाना भी प्रेग्नेंसी का लक्षण हो सकता है. ऐसा आमतौर पर दूसरे से छठे हफ्ते में होता है.
बार-बार पेशाब आना - प्रेग्नेंसी का एक संकेत यह भी है कि बार-बार पेशाब आने लगता है. जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी बढ़ती जाती है ब्लड वॉल्यूम भी बढ़ता है जिससे किडनी का काम बढ़ जाता है. इस चलते पेशाब आने की दर बढ़ जाती है.
सुबह-सुबह जी मिचलाना - मॉर्निंग सिकनेस यानी सुबह-सुबह जी मिचलाना और उल्टी जैसा लगना प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकता है. महिलाओं में प्रेग्नेंसी की शुरुआत में बाकी लक्षणों से पहले यह लक्षण नजर आता है.
खाने की क्रेविंग बढ़ना - खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है और उन चीजों को खाने का मन करने लगता है जिन्हें आप आमतौर पर नहीं खाते हैं.
प्रेग्नेंसी की शुरुआत में इन बातों का रखें ध्यान
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें जिससे तबीयत ना बिगड़े और शरीर के सभी अंग ठीक तरह से काम कर सकें.
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं और हर थोड़ी देर में खाएं जिससे जी मिचलाने की दिक्कत कम हो सके.
- दिनभर में पूरा आराम लें. अगर थकान महसूस हो तो दोपहर में एक-डेढ़ घंटे सो जाएं.
- हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना शुरू करें, वॉक करें और डीप ब्रीदिंग करें.
- बहुत तीखा या चटपटा खाना खाने से परहेज करें. इससे मॉर्निंग सिकनेस (Morning Sickness) बढ़ती है.
कब करना चाहिए प्रेग्नेंसी टेस्ट
अगर आप सेक्शुअली एक्टिव हैं और आपको पीरियड मिस होने से पहले या बाद में शरीर में यहां बताए अन्य लक्षण भी नजर आने लगे हैं तो आपको प्रेग्नेंसी टेस्ट करके देख लेना चाहिए. प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए सुबह का समय सबसे बेस्ट है. सुबह के पहले पेशाब से टेस्ट करने पर सटीक रिजल्ट दिखता है. अपने हाथों को साफ करने के बाद ही प्रेग्नेंसी किट को खोलें और उसपर जो इंस्ट्रक्शंस लिखे हैं उन्हें फॉलो करें.
यह भी पढ़ें - पेशाब में झाग आना कौन सी बीमारी का संकेत है? | Foamy Urine Causes
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Pregnancy Symptoms: प्रेग्नेंट होने पर पीरियड मिस (Period Miss) होता है और पीरियड मिस होने के बाद ही महिला टेस्ट करके देखती है कि वह सचमुच प्रेग्नेंट है या नहीं. लेकिन, क्या आप जानती हैं पीरियड मिस होने के अलावा भी शरीर ऐसे कई संकेत देने लगता है जो बताते हैं कि शायद आप मां बनने वाली हैं. खासकर प्रेग्नेंट (Pregnant) होने के पहले हफ्ते से पहले महीने के बीच में शरीर पर ये लक्षण नजर आने लगते हैं. इन लक्षणों से भी पता चल सकता है कि आप मां बनने वाली हैं या नहीं. यहां जानिए पीरियड मिस होने के अलावा वो कौन से 5 लक्षण हैं जो बताते हैं कि शायद आप मां बनने वाली हैं.
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प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण
हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग – पीरियड्स ना होना और हल्की ब्लीडिंग या खून के धब्बे दिखना फर्टिलाइजेशन के 5 से 14 दिनों के भीतर होता है. इसे इंप्लांटेशन ब्लीडिंग कहते हैं. यह खून हल्के रंग का होता है और पीरियड्स से अलग नजर आता है.
स्तन में बदलाव – महिलाओं को स्तन में बदलाव नजर आने लगते हैं. स्तन टेंडर हो जाते हैं, सूजे हुए दिखते हैं और उनमें दर्द होता है. निपल का बढ़ना या फिर रंग गहरा हो जाना भी प्रेग्नेंसी का लक्षण हो सकता है. ऐसा आमतौर पर दूसरे से छठे हफ्ते में होता है.
बार-बार पेशाब आना – प्रेग्नेंसी का एक संकेत यह भी है कि बार-बार पेशाब आने लगता है. जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी बढ़ती जाती है ब्लड वॉल्यूम भी बढ़ता है जिससे किडनी का काम बढ़ जाता है. इस चलते पेशाब आने की दर बढ़ जाती है.
सुबह-सुबह जी मिचलाना – मॉर्निंग सिकनेस यानी सुबह-सुबह जी मिचलाना और उल्टी जैसा लगना प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकता है. महिलाओं में प्रेग्नेंसी की शुरुआत में बाकी लक्षणों से पहले यह लक्षण नजर आता है.
खाने की क्रेविंग बढ़ना – खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है और उन चीजों को खाने का मन करने लगता है जिन्हें आप आमतौर पर नहीं खाते हैं.
प्रेग्नेंसी की शुरुआत में इन बातों का रखें ध्यान
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें जिससे तबीयत ना बिगड़े और शरीर के सभी अंग ठीक तरह से काम कर सकें.
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं और हर थोड़ी देर में खाएं जिससे जी मिचलाने की दिक्कत कम हो सके.
- दिनभर में पूरा आराम लें. अगर थकान महसूस हो तो दोपहर में एक-डेढ़ घंटे सो जाएं.
- हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना शुरू करें, वॉक करें और डीप ब्रीदिंग करें.
- बहुत तीखा या चटपटा खाना खाने से परहेज करें. इससे मॉर्निंग सिकनेस (Morning Sickness) बढ़ती है.
कब करना चाहिए प्रेग्नेंसी टेस्ट
अगर आप सेक्शुअली एक्टिव हैं और आपको पीरियड मिस होने से पहले या बाद में शरीर में यहां बताए अन्य लक्षण भी नजर आने लगे हैं तो आपको प्रेग्नेंसी टेस्ट करके देख लेना चाहिए. प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए सुबह का समय सबसे बेस्ट है. सुबह के पहले पेशाब से टेस्ट करने पर सटीक रिजल्ट दिखता है. अपने हाथों को साफ करने के बाद ही प्रेग्नेंसी किट को खोलें और उसपर जो इंस्ट्रक्शंस लिखे हैं उन्हें फॉलो करें.
यह भी पढ़ें – पेशाब में झाग आना कौन सी बीमारी का संकेत है? | Foamy Urine Causes
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.