पोलियो मुक्त भारत को झटका! पानी में मिला Polio Virus, जानिए किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा

Polio Virus: पोलियो एक संक्रामक बीमारी है. भारत सालों से पोलियो मुक्त रहा है लेकिन अब पानी में वायरस मिलने पर स्वास्थ्य मंत्रालय की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में किन लोगों को पोलियो की चपेट में आने का सबसे ज्यादा खतरा है, जानिए यहां.

Polio virus

पानी में वायरस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट.

Polio Virus: भारत को साल 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पोलियो-मुक्त घोषित किया था, लेकिन पानी में मिले पोलियो वायरस ने एकबार फिर भारत की चिंता बढ़ा दी है. गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के नमूने की जांच करने पर इसमें पोलियो वायरस पाया गया है. यह वैक्सीन व्युत्पन्न पोलियोवायपरस (VDPV) टाइप 1 है. दूषित पानी में पोलिया वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और शहरी क्षेत्र की 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की 107 टीमें घर-घर जाकर बच्चों की जांच और पोलियो की दवा पिलाने के अभियान पर निकल पड़ी हैं. वीडीपीवी टाइप 1 की पुष्टि के बाद अब बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, शास्त्रीनगर, राजनगर, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी, घुकना, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर 1 और 2, खैराती नगर पीएचसी और हिंडन विहार में सर्वे किया जाएगा.

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पोलियो में वायरस मिलने का क्या मतलब है

पोलियो एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो पोलियो वायरस के संपर्क में आने पर अपनी चपेट में ले लेती है. यह शरीर के तंत्रिका तंत्र पर हमला करने वाला वायरस है जो गंभीर मामलों में लकवा यानी पैरालिसिस का कारण बन सकता है. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के मल, दूषित पानी या भोजन के जरिए फैलती है. पानी में पोलियो वायरस का मिलना यह संकेत देता है कि वायरस किसी समुदाय में मौजूद हो सकता है. यह मल के जरिए पर्यावरण में पहुंच रहा है और पानी में मिलने लगा है. हालांकि, वायरस मिलने से पोलियो के मरीज सामने नहीं आए हैं लेकिन इस समय सतर्क होना सबसे ज्यादा जरूरी है.

किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा

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  • छोटे बच्चों को पोलियो की चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा है. 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पोलियो संक्रमण का खतरा रहता है, ज्यादातर उन्हें जिन्हें अबतक पोलियो का टीका (Polio Vaccine) नहीं लगा है.
  • जिन लोगों का टीकाकारण नहीं हुआ है उन्हें भी पोलियो होने का जोखिम बढ़ गया है.
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग या जो लोग पहले ही किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं उन्हें पोलियो अपनी चपेट में ले सकता है.
  • दूषित पानी और गंदगी वाले इलाकों में पोलियो फैलने की संभावना ज्यादा है.

पोलियो के लक्षण कैसे दिखते हैं

ज्यादातर लोगों में पोलियो के लक्षण नजर नहीं आते हैं लेकिन कुछ मामलों में ये समस्याएं हो सकती हैं –

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  • बुखार आ जाता है
  • थकान होने लगती है
  • सिरदर्द होता है
  • गले में दर्द रहता है
  • मतली होती है, उल्टी आ सकती है
  • हाथ-पैरों में कमजोरी होने लगती है
  • गंभीर मामलो में लकवा मार जाता है.

पोलियो से कैसे बचें

बच्चे को समय पर टीके लगवाएं, साफ-सफाई का ध्यान रखें, दूषित पानी ना पिएं, हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं, भोजन की स्वच्छता का ध्यान रखें और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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