Sports Hernia Symptoms: भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव जिन्हें स्काई के नाम से भी जानते हैं, उन्हें स्पोर्ट्स हर्निया है। यह बीमारी ज्यादातर एथलीट्स को होती है। स्पोर्ट्स हर्निया (Sports Hernia) एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जो स्पोर्ट्स खेलने वाले खिलाड़ियों को होती है। अगर यह परेशानी किसी खिलाड़ी को होती है, तो काफी ज्यादा समस्या पैदा करती है। दरअसल,फिजिकल एक्टिविटी के दौरान मसल्स में खिंचाव और जोड़ों पर असर होने लगता है। जिसकी वजह से वह फट भी सकता है या चोटिल तक हो जाता है।
इस स्थिति को स्पोर्ट्स हर्निया कहते हैं। अगर समय रहते उपचार नहीं किया गया तो काफी ज्यादा परेशानी हो सकती है। अभी हाल फिलहाल ही में क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव को स्पोर्ट्स हर्निया की बीमारी के बारे में पता चला है, जिसके बाद सोशल मीडिया के जरिए हर जगह इस बीमारी को लेकर चर्चा फैली है। सूर्यकुमार यादव जल्द ही इसके लिए सर्जरी करवाने जा रहे हैं। उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से भी बाहर रहना पड़ेगा।
स्पोर्ट्स हर्निया क्या होता है ?
स्पोर्ट्स हर्निया को कई नामों से भी जाना जाता है, जैसे- एथलेटिक प्यूबल्जिया,स्पोर्ट्समैन हर्निया और गिलमोर ग्रोइन(Gilmore Groin)। पेट के निचले भाग में अगर किसी कारण कोई चोट लगती है, तो क्रोनिक पेन की वजह भी बन सकती है। स्पोर्ट्स हर्निया की बीमारी चोट लगने की वजह से होती है। इसके शुरुआती लक्षणों की बात करें, तो इसमें सीने में जलन होती है और पूरे भाग में दर्द होने लगता है। आप इसे नॉर्मल बीमारी समझने की भूल न करें। हालांकि, हर्निया और स्पोर्ट्स हर्निया के लक्षण साधारण होते हैं। इसके शुरुआती लक्षण में पेट के नीचे वाले एरिया और कमर में हल्का-हल्का दर्द होने लगता है और टिश्यू तक डैमेज होते हैं।
स्पोर्ट्स हर्निया का इलाज
हर्निया की बीमारी में पेट के नीचे वाले एरिया में दर्द होने लगता है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल नहीं किया गया तो इसके काफी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसमें आराम,फिजिकल थेरेपी और कोर्टिकोस्टेरॉइड से कंट्रोल कर सकते हैं। स्पोर्ट्स हर्निया को सर्जरी के बिना भी सही कर सकते हैं, लेकिन गंभीर होने पर सर्जरी करनी पड़ती है। अगर किसी मरीज को काफी टाइम से पेन हो रहा है, तो सर्जरी की कंडीशन पैदा हो सकती है।
स्पोर्ट्स हर्निया कब तक सही हो सकता है?
स्पोर्ट्स हर्निया होने पर सही होने में समय लगता है, लेकिन मेडिकल के क्षेत्र में नए इलाज आने पर 6 या 8 हफ्ते में इसके लक्षणों में सुधार कर सकते हैं। वैसे इस बीमारी में सही होकर खिलाड़ी 6 से लेकर 12 हफ्ते के बीच वापस अच्छा होकर मैदान में लौट सकते हैं।
Disclaimer: इसमें दी गई जानकारी पाठक खुद पर अमल करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर कर लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।